Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • यूपी: पूरे प्रदेश में हुई झमाझम बारिश, चार डिग्री तक गिरा पारा; मेरठ सहित इन शहरों में हुई सबसे ज्यादा बरसात
    • 2029 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए महिला आरक्षण का विरोध करने से पहले कई बार सोचेंगे
    • सड़कों पर जलभराव चारों तरफ गंदगी का राज बरसात आने से पूर्व क्यों नहीं हुई सफाई, नागरिक घरों में बंद कई जगह ईमारतों में पानी भरा
    • कर्नाटक के किसान ने बिना खाद के उगाया 72 किलो का जादुई कटहल, वर्ल्ड रिकॉर्ड की तैयारी
    • तलाक के 30 दिन बाद दूसरी शादी करने वाली पत्नी गुजारा-भत्ता की हकदार नहीं: इलाहाबाद हाई कोर्ट
    • चेक बाउंस के मामले में अभिनेता राजपाल यादव को तीन महीने जेल की सजा
    • हरदोई में एसबीआई एटीएम के गेट में उतरा करंट, खोलते ही सफाई कर्मी की मौत
    • 28 जुलाई को संसद भवन पर प्रदर्शन कर सकते है ग्रामीण बैंक कर्मी, सभी जगह एक समान आदेश और नई भर्ती खोली जाती तो समस्याएं शायद नहीं आती
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»तलाक के 30 दिन बाद दूसरी शादी करने वाली पत्नी गुजारा-भत्ता की हकदार नहीं: इलाहाबाद हाई कोर्ट
    देश

    तलाक के 30 दिन बाद दूसरी शादी करने वाली पत्नी गुजारा-भत्ता की हकदार नहीं: इलाहाबाद हाई कोर्ट

    adminBy adminJuly 10, 2026No Comments4 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    प्रयागराज, 10 जुलाई। पहले पति से तलाक के बाद पत्नी के दूसरी शादी कर लेने पर भी पहले पति को गुजरा भत्ता देने के आदेश पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हैरानी जताई है।

    कोर्ट ने झांसी के अपर प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय से यह स्पष्ट करने को कहा कि पत्नी के तलाक के बाद दोबारा विवाह कर लेने की जानकारी रिकॉर्ड पर होने के बावजूद उसे पहले पति से गुजारा भत्ता देने का आदेश क्यों पारित किया गया। न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरि ने मामले की सुनवाई करते हुए झांसी के एडिशनल प्रधान जज, फैमिली कोर्ट से स्पष्टीकरण तलब किया।

    याची ने फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। इसमें यह आदेश दिया गया है कि वह पत्नी स्वाती अगरिया को 10 हजार और नाबालिग बेटे मेदांश को पांच हजार रुपये मासिक भरण-पोषण दे।

    याची के अधिवक्ता ने बताया कि फैमिली कोर्ट झांसी ने 30 जुलाई 2025 को राजेश और स्वाति के बीच तलाक का फैसला सुनाया था। इसके खिलाफ राजेश ने फर्स्ट अपील दाखिल की।

    पत्नी की ओर से दाखिल प्रति शपथपत्र में कहा गया कि तलाक के आदेश के 30 दिन बाद तीन सितंबर 2025 को उसने दूसरी शादी कर ली। 19 तंबर 2025 के आदेश में भी इसका जिक्र है।

    इसके बावजूद फैमिली कोर्ट ने भरण पोषण का आदेश दे दिया। पीठ ने कहा, जब कोर्ट को यह तथ्य बताया गया था तब भी भरण-पोषण का आदेश देना उचित नहीं है। याची ने कहा है कि नाबालिग बेटे के पांच हजार रुपये भरण-पोषण को लेकर उसे कोई आपत्ति नहीं है और वह इसका भुगतान करने के लिए तैयार है।

    कोर्ट ने पत्नी को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में प्रति शपथपत्र दाखिल करने के लिए कहा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई 2026 तय की है। रजिस्ट्रार और सीजेएम झांसी को आदेश की प्रति भेजकर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

    allahabad-high-court tazza khabar tazza khabar in hindi uttar-pradesh news
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    यूपी: पूरे प्रदेश में हुई झमाझम बारिश, चार डिग्री तक गिरा पारा; मेरठ सहित इन शहरों में हुई सबसे ज्यादा बरसात

    July 10, 2026

    2029 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए महिला आरक्षण का विरोध करने से पहले कई बार सोचेंगे

    July 10, 2026

    सड़कों पर जलभराव चारों तरफ गंदगी का राज बरसात आने से पूर्व क्यों नहीं हुई सफाई, नागरिक घरों में बंद कई जगह ईमारतों में पानी भरा

    July 10, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.