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    Home»देश»तलाक के 30 दिन बाद दूसरी शादी करने वाली पत्नी गुजारा-भत्ता की हकदार नहीं: इलाहाबाद हाई कोर्ट
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    तलाक के 30 दिन बाद दूसरी शादी करने वाली पत्नी गुजारा-भत्ता की हकदार नहीं: इलाहाबाद हाई कोर्ट

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comJuly 10, 2026No Comments4 Views
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    प्रयागराज, 10 जुलाई। पहले पति से तलाक के बाद पत्नी के दूसरी शादी कर लेने पर भी पहले पति को गुजरा भत्ता देने के आदेश पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हैरानी जताई है।

    कोर्ट ने झांसी के अपर प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय से यह स्पष्ट करने को कहा कि पत्नी के तलाक के बाद दोबारा विवाह कर लेने की जानकारी रिकॉर्ड पर होने के बावजूद उसे पहले पति से गुजारा भत्ता देने का आदेश क्यों पारित किया गया। न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरि ने मामले की सुनवाई करते हुए झांसी के एडिशनल प्रधान जज, फैमिली कोर्ट से स्पष्टीकरण तलब किया।

    याची ने फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। इसमें यह आदेश दिया गया है कि वह पत्नी स्वाती अगरिया को 10 हजार और नाबालिग बेटे मेदांश को पांच हजार रुपये मासिक भरण-पोषण दे।

    याची के अधिवक्ता ने बताया कि फैमिली कोर्ट झांसी ने 30 जुलाई 2025 को राजेश और स्वाति के बीच तलाक का फैसला सुनाया था। इसके खिलाफ राजेश ने फर्स्ट अपील दाखिल की।

    पत्नी की ओर से दाखिल प्रति शपथपत्र में कहा गया कि तलाक के आदेश के 30 दिन बाद तीन सितंबर 2025 को उसने दूसरी शादी कर ली। 19 तंबर 2025 के आदेश में भी इसका जिक्र है।

    इसके बावजूद फैमिली कोर्ट ने भरण पोषण का आदेश दे दिया। पीठ ने कहा, जब कोर्ट को यह तथ्य बताया गया था तब भी भरण-पोषण का आदेश देना उचित नहीं है। याची ने कहा है कि नाबालिग बेटे के पांच हजार रुपये भरण-पोषण को लेकर उसे कोई आपत्ति नहीं है और वह इसका भुगतान करने के लिए तैयार है।

    कोर्ट ने पत्नी को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में प्रति शपथपत्र दाखिल करने के लिए कहा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई 2026 तय की है। रजिस्ट्रार और सीजेएम झांसी को आदेश की प्रति भेजकर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

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