Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • छोटे-मोटे सभी तरह के अपराधों के निस्तारण के लिए कुछ शर्तों के साथ पंच और पंचायतों के फैसलों को दी जाये मान्यता
    • सरकार महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले के साथ ही अहिल्याबाई होल्कर को भी दे भारत रत्न
    • 2027 के विधानसभा चुनावों में मतदाताओं को बांधे रखने में सफल विधायकों नेताओं और कार्यकर्ताओं को मंत्रिमंडल और निगमों में मिल सकता है स्थान, रालोद के कोटे से भी मंत्री औ निगम अध्यक्ष के साथ ही डॉ सांगवान को मिल सकती है जिम्मेदारी
    • 138 डिग्री, डिप्लोमा व प्रमाण पत्र रखते हैं दशरथ
    • 10,000 करोड़ कमाने का रिकॉर्ड दीपिका पादुकोण ने बनाया
    • दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर अब बाइक-ऑटो या ट्रैक्टर दिखा तो 20 हजार जुर्माना
    • माता-पिता तेंदुए के जबड़े से मासूम को खींच लाए
    • दुष्कर्म का आरोप लगाकर बदलवाया सिपाही का धर्म
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»किसी भी मुददे पर सहमति हो या असहमति अपशब्दों का उपयोग ठीक नहीं, जबान से निकले बोल कभी वापस नहीं होते
    देश

    किसी भी मुददे पर सहमति हो या असहमति अपशब्दों का उपयोग ठीक नहीं, जबान से निकले बोल कभी वापस नहीं होते

    adminBy adminDecember 17, 2025No Comments26 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    किसी को अपशब्द कहना या ऐसी व्यवस्था को बढ़ावा देना सभ्य समाज में उचित नहीं कहा जा सकता। लेकिन इस सबके बाद भी ऐसे मामलों में कार्रवाई का प्रावधान होने के बाद भी ऐसे शब्दों का बखान खूब होने लगा है जो नहीं होना चाहिए। बीते दिनों कांग्रेस के समागम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बहुत कुछ कहा गया। बददुआएं और गालियों का उपयोग किया गया और ऐसे ऐसे शब्द कहे गए जो नहीं कहे जाने चाहिए थे। एक खबर के अनुसार उनके खिलाफ ऐसी ९१ गालियां दी गई जिन्हें लिखा जाना संभव नहीं है। यह किसी एक पार्टी या नेता के द्वारा नहीं किया जा रहा। अगर ध्यान से देखें तो सब एक दूसरे को इसके लिए दोषी तो ठहराते नजर आते हैं लेकिन मौका लगते ही ज्यादातर दलों के नेता वक्त आने पर धड़ल्ले से गलत शब्द का प्रयोग करने लगते हैं। इस बारे में सब एक दूसरे को सलाह भी देते हैं। सभ्यता का अहसास भी कराते हैं और भारतीय संस्कृति में ऐसा नहीं होना चाहिए यह भी बताते हैंं मगर ग्रामीण कहावत लंका में सारे ५२ गज के ही हैं और इस मामले में पीएचडी किसी ने ना की हो लेकिन जीवन में समय समय पर जो शब्द अपने या दूसरों के लिए सुनने को मिले उनका उपयोग करने में बहुत कम लोग गुरेज करते हैं।
    हम अपनी भावी पीढ़ी को सिद्धांत और संयम से कार्य करने और आगे बढ़ने की सलाह देते हुए एक सभ्य समाज का निर्माण का भरोसा उनसे लेने में कोई कमी नहीं छोड़ते। मगर अपने आप क्या सीख उन्हें दे रहे हैं इसके लिए आत्म अवलोकन कोई भी करने को तैयार नहीं है। मेरा मानना है कि जो अपशब्द किसी को कहता है वो अपनी जबान गंदी करता है। एक चुप १०० को हराए वाली बात को ध्यान में रखते हुए मेरा मानना है कि कोई क्या कह रहा है क्या नहीं इसे भूलकर हमें सहमति और असहमति पर विचार करने के दौरान इस बात पर विशेष जोर देना चाहिए कि किसी भी समय वैचारिक विरोध बहुत हो सकते हैं हम एक दूसरे को पसंद भी ना करते हो लेकिन ऐसे शब्दों का उपयोग कभी नहीं करना चाहिए जिनकी भरपाई ना हो पाए। एक कहावत बड़ी प्रचलित है कि दीवार में छेद हो जाए तो उसे भरा जा सकता है लेकिन जुबान से निकले बोल कभी वापस नहीं होते और इससे जो मन में खटास पैदा होती है उसकी कसम सारे प्रयास करने के बाद भी किसी भी रूप में दूर नहीं हो पाती। इसलिए बोलचाल में संयम जरूर रखा जाए जिससे भविष्य में दुआ सलाम की व्यवस्था बनी रहे।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

    sampadkiya tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    छोटे-मोटे सभी तरह के अपराधों के निस्तारण के लिए कुछ शर्तों के साथ पंच और पंचायतों के फैसलों को दी जाये मान्यता

    April 13, 2026

    सरकार महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले के साथ ही अहिल्याबाई होल्कर को भी दे भारत रत्न

    April 13, 2026

    2027 के विधानसभा चुनावों में मतदाताओं को बांधे रखने में सफल विधायकों नेताओं और कार्यकर्ताओं को मंत्रिमंडल और निगमों में मिल सकता है स्थान, रालोद के कोटे से भी मंत्री औ निगम अध्यक्ष के साथ ही डॉ सांगवान को मिल सकती है जिम्मेदारी

    April 13, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.