मेरठ, 11 जून (प्र)। काजीपुर वार्ड 33 के अंतर्गत काशीराम योजना के तहत बसी बीएसयूपी कालोनी में सीवर जाम के कारण सड़कों पर जलभराव हो गया है। क्षेत्रीय पार्षद की शिकायत पर गत दिवस महापौर हरिकांत अहलूवालिया निगम अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। वह मेरठ विकास प्राधिकरण की कार्यशैली पर जमकर भड़के। फोन करके मेडा अधिकारियों को बुलाने का प्रयास किया तो एई-जेई की जगह एक सुपरवाइजर को भेज दिया गया। महापौर ने कहा कि यह कालोनी मेडा ने बसाई है और इसका हस्तांतरण निगम को नहीं हुआ है। स्थानीय लोग बार-बार सफाई कराने की गुहार लगा रहे हैं लेकिन मेडा अधिकारी उदासीन हैं जबकि सीवर लाइन की सफाई का संपूर्ण दायित्व मेडा का है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि मेडा ने सीवर लाइन की सफाई में तैनात दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को भी हटा लिया है। महापौर ने कहा कि यहां सीवर उफनने से बीमारी फैलने का खतरा है। महापौर ने मौके पर महाप्रबंधक जल विश्वनाथ गुप्ता को निर्देश दिया कि सीवर नेटवर्क की सफाई नगर निगम अपने संसाधनों से कराए। वरिष्ठ प्रभारी सफाई व अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी को निर्देश दिया कि सफाई का कार्य भी साथ-साथ कराया जाए। इस मौके पर सहायक अभियंता जल लक्ष्मण सिंह, स्थानीय पार्षद बाला, भारत भड़ाना आदि मौजूद रहे।
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