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    शहर की प्रतिष्ठित कॉलोनियों में होने लगे अवैध निर्माण मेडा के अफसर और मेंटीनेंट कंपनियां खामोश क्यों

    adminBy adminAugust 1, 2026No Comments1 Views
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    कांवड़ और चुनाव ऐसा दौर है जब कच्ची कॉलोनियां काटने अवैध निर्माण करने सरकारी जमीन घेरने वालों को मौका मिल जाताहै क्योंकि इस दौरान विकास प्राधिकरण आवास विकास नगर निगम के अफसरों को बहाना मिल जाता है कि चुनाव या कांवड़ मेला संपन्न कराने में लगे हैं। सरकार और सीएम की चेतावनी के बाद भी जेब भरने में लगे कुछ अफसरों को अपनी मनमानी है और यह तो उनके लिए सोने में सुहागा के समान है। अवैध निर्माण कराओ और माल कमाओ के लिए सात आठ दिन का रास्ता साफ हो जाता है। पहले लिंक मार्गो और खेतों की जमीन खरीदकर कच्ची कॉलोनिया काटनेवाले चंादी काटते थे और इस व्यवस्था को रोकने वालों का बैंक बैलेंस बढ़ा रहता था। कुछ दिनों से देखने में आ रहा है कि शहर की प्रतिष्ठित कॉलोनियों में अब कुछ बिल्डरों व कॉलोनियों के निवासियों या मानचित्र के निर्माण पर सरकारी नीतियों का उल्लंघन करने वालों की हलचल दिखाई देने लगी है। मवाना दिल्ली रोड़ सरधना रोड रूड़की रोड में जो कॉलोनियां जो पहले शान का प्रतीक होती थी अब ऐसा ही सिलसिला चला तो बड़ी अवैध इमारते दिखाई देने लगेगी। सफाई व हरियाली लुप्त होने से इनकार नहीं किया जा सकता क्योंकि मेंटीनेंस कंपनियां शुल्क वसूलने में अव्वल है बिल्डर सुविधाएं देने में पैसा खर्च कर रहा है लेकिन कुछ कर्मचारियों की लापरवाही से कॉलोनियों की सुंदरता पर प्रश्नचिन्ह लगने लगे हैं। एक बिल्डर ने कॉलोनी में २० करोड़ से एक पार्क बनाया लेकिन कुछ निवासी व्यवस्था और सुंदरता बिगाड़ने में लगे हैं। मेडा के अफसरों से कुछ उम्मीद नहीं की जा सकती लेकिन कुछ कॉलोनियां कैसे सुंदर बनी है सरकार आयोजनों में भेजती थी उनको पुरानी स्थिति में लाने के लिए मुख्यमंत्री मंडलायुक्त डीएम आदि के माध्यम से ऐसे कदम उठाने होंगे जिससे गलत काम करने वालों पर लगाम लगा सके वरना जिन्होंने लाखों रुपये गज की जमीन खरीदकर मकान बनाए उनकी शांति उजड़ते देर नहीं लगेगी। पिछले दिनों रेरा ने एक आरडब्ल्यूए पर एक लाख का जुर्माना किया क्योंकि वह विकास शुल्क वसूलने के बाद व्यवस्था नहीं कर पा रहे थे। रेरा के चेयरमैन संजय भूसररेडी कह चुके हैं कि कॉलोनियों की सुंदरता आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई करना आरडब्ल्यूए के जिम्मेदारी है।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

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