दमोह 11 मई। तेंदूखेड़ा नगर परिषद क्षेत्र में एक शव को सम्मान के साथ अंतिम संस्कार भी नसीब नहीं हो सका. शव को कचरा युक्त ट्रॉली में लेया गया. हैरानी की बात है की शव को कचरा ग्राउंड में ही दफना दिया गया. नगर परिषद सीएमओ का कहना है कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है. परिषद की इस कार्य प्रणाली पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं.
तेंदूखेड़ा नगर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर दिया. ग्राम बगदरी के जंगल में चार-पांच दिन पूर्व एक शव देखा गया था. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर उसकी शिनाख्त करने की कोशिश की, लेकिन उसकी पहचान उजागर नहीं हो सकी. जिसके बाद उसे लावारिस घोषित कर दिया गया.
रविवार शाम नगर परिषद के कर्मचारियों ने अज्ञात शव को नगर के खकरिया मार्ग पर वार्ड क्रमांक 9 स्थित संदीपनी विद्यालय एवं कॉलेज के पास ले जाकर दफना दिया. लेकिन शर्मिंदगी की बात यह है की जिस कचरा वाहन में शव को ले जाया गया उस ट्रॉली में पूर्व से ही कुछ कचरा पड़ा हुआ था. उसे साफ करने की जहमत तक कर्मचारियों ने नहीं उठाई. जिस स्थान पर मृतक का शव दफनाया गया वह स्थान नगर परिषद का कचरा निष्पादन का ग्राउंड है. उसी जगह गड्ढा खोद कर मृतक का शव दफना दिया गया.
स्थानीय निवासी महाराज सिंह सुखदेव का कहना है कि, चाहे शव लावारिस ही क्यों न हो, लेकिन वह भी किसी इंसान का था. कर्मचारियों को उसके साथ गरिमा एवं सम्मानजनक व्यवहार करना था. लोगों ने सवाल उठाए हैं कि क्या प्रशासन के पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हैं. क्योंकि इस तरह के दृश्य जिले में आए दिन देखने को मिलते हैं. जिले में कई जगह बाकायदा शव वाहन भी हैं लेकिन उसके बाद भी लावारिस शवों को कचरा गाड़ियों या ट्रॉलियों में ही क्यों ले जाया जाता है.
इस संबंध में तेंदूखेड़ा टीआई रविद्र बागरी ने कहा कि, मेरे द्वारा नगर परिषद को सूचित किया गया था. जिसके बाद नगर परिषद द्वारा शव को ले जाया गया एवं कर्मचारियों द्वारा निर्धारित स्थान पर अज्ञात शव को दफनाया गया है. शव दफनाने का काम नगर परिषद का होता है. हम केवल वैधानिक कार्रवाई करने के बाद उन्हें शव सौंपते हैं.

