रुद्रप्रयाग 30 मई। श्री बदरी-केदार मंदिर समिति ने केदारनाथ मंदिर में वीआइपी दर्शन व्यवस्था को लेकर नई संशोधित मानक प्रचालन विधि (एसओपी) जारी की है। जिसमें अब वीआइपी दर्शन करने वालों की 1100 रुपये की पर्ची मंदिर समिति काटेगी। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और स्थानीय स्तर पर मिले सुझावों के आधार पर मंदिर समिति ने यह निर्णय लिया है, ताकि सामान्य यात्रियों के दर्शन पर कम प्रभाव पड़े और गणमान्य व्यक्तियों के दर्शन सुगम एवं समयबद्ध हो सकें। मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी सोहन रांगड ने जारी आदेश में कहा कि जिला प्रशासन अथवा मंदिर समिति को राज्य सरकार से प्राप्त प्रोटोकाल सूचना के आधार पर ही विशेष दर्शन पर्ची जारी की जाएगी।
केदारनाथ में पुजारी का नियुक्ति विवाद गहराया
केदारनाथ मंदिर में पुजारी की नियुक्ति का विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में धाम के रावल भीमाशंकर लिंग ने श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी समेत प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बीते दिनों मंदिर समिति की ओर से जारी नियुक्ति आदेश को परंपराओं के विरुद्ध बताया है। साथ ही आदेश वापस न लिए जाने पर ऊखीमठ स्थित वैराग्यपीठ (उषा मठ) में बेमियादी अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है।
पत्र में रावल ने कहा कि परंपरा के अनुसार केदारनाथ, मध्यमेश्वर, ओंकारेश्वर व विश्वनाथ मंदिर में पूजा के लिए चक्रवार हर साल पांच पुजारी नियुक्त होते हैं। इनमें से चार पुजारी इन चारों मंदिरों में पूजा की जिम्मेदारी संभालते हैं, जबकि एक पुजारी रिजर्व में रहता है। कहा कि वर्ष 2023 से पुजारी का एक पद रिक्त चल रहा है, जिस पर चेला परंपरा के अनुसार शांत लिंग की नियुक्ति की जानी थी। इस संबंध में पिछले दो वर्षों में मंदिर समिति को कई पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन आज तक स्थायी नियुक्ति के आदेश जारी नहीं हुए।

