लिसाड़ी गेट के बड़ा बाजार मोहल्ले में मंगलवार को बारिश के दौरान मकान की छत गिरने से मलबे में दबकर बुजुर्ग मां की मौत हो गई। जबकि बेटी और नातिन गंभीर रूप से घायल हो गईं। कराहते घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए काफी देर इंतजार करना पड़ा। सूचना के बाद भी एंबुलेंस के देर से पहुंचने पर लोगों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने पोस्टमार्टम तक कराने से इन्कार कर दिया। पुलिस ने समझा-बुझाकर पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया। सिटी मजिस्ट्रेट पंकज दीक्षित और सीओ संग्राम सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर हादसे की जानकारी ली।
आमिर कॉलोनी में यह हादसा सुबह आठ बजे तेज बारिश के दौरान हुआ। बिजली कड़कने से शाहजहां के मकान की छत गिर गई। इस दौरान शाहजहां के साथ उसकी मां शोभापुर निवासी जैतून और उसकी बेटी नजमा तीनों मलबे में दब गए। छत गिरने की तेज आवाज के साथ ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।
उन्होंने मलबे में दबी जैतून, नजमा व शाहजहां को बाहर निकाला। जैतून तब तक दम तोड़ चुकी थीं, जबकि नाजमा व शाहजहां गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस बुलाई। पुलिस को सूचना दी गई।
लिसाड़ी गेट व लोहियानगर थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड के साथ-साथ एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। एंबुलेंस के देर से पहुंचने पर लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने समझाकर उन्हें शांत किया। नजमा व शाहजहां को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि नजमा की गंभीर हालत देखते हुए वहां से उसे मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया।

