विद्या की देवी मा शारदे की विशेष कृपा आज वसंत पंचमी के दिन रहने की बात से सभी सहमत होते हैं। यह वर्ष वसंत पंचमी ज्ञान कला और संगीत की देवी सरस्वती को समर्पित है। ऋतुराज वसंत के आगमन का भी यह दिन होता है लेकिन हर व्यक्ति के लिए पतंग उड़ाने और बजने वाले म्यूजिक के लिए भी जाना जाता है। खबरों से पता चलता है कि आज पूरे दिन पूजा का मुर्हत बना रहा। धार्मिक दृष्टिकोण से आज ५३५ जोड़े विवाह सूत्र में बंधने की संभावना है। बारिश होने से पतंगबाजी नहीं हो पाई लेकिन म्यूजिक बजता रहा। बताते हैं कि आज से तीन माह तक साधु संत माघ मेले में कड़ी साधना करेंगे। भले ही बारिश के चलते पतंग ना उड़ी हो लेकिन वसंत पंचमी का उत्साह कम नहीं हुआ। बताते चलें कि यह धार्मिक उमंग से भरा रहा यह त्योहार मुगलों की राजधानी कहलाने वाले आगरा के किलें में शहंशाहों ने फूलों की ईद के रूप में मनाना शुरु किया था। मुगल बादशाह इस दिन पीले कपड़े पहनकर बागों में जाते थे और पतंगे भी खूब उडाई जाती थे। इस धार्मिक मनोरंजन भाईचारा के प्रतीक वसंत पंचमी पर धार्मिक आयोजन मंदिरों और घरों में हुए। इस पर्व पर देशवासियों को बधाई व शुभकामनाएं।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
Trending
- छोटे-मोटे सभी तरह के अपराधों के निस्तारण के लिए कुछ शर्तों के साथ पंच और पंचायतों के फैसलों को दी जाये मान्यता
- सरकार महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले के साथ ही अहिल्याबाई होल्कर को भी दे भारत रत्न
- 2027 के विधानसभा चुनावों में मतदाताओं को बांधे रखने में सफल विधायकों नेताओं और कार्यकर्ताओं को मंत्रिमंडल और निगमों में मिल सकता है स्थान, रालोद के कोटे से भी मंत्री औ निगम अध्यक्ष के साथ ही डॉ सांगवान को मिल सकती है जिम्मेदारी
- 138 डिग्री, डिप्लोमा व प्रमाण पत्र रखते हैं दशरथ
- 10,000 करोड़ कमाने का रिकॉर्ड दीपिका पादुकोण ने बनाया
- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर अब बाइक-ऑटो या ट्रैक्टर दिखा तो 20 हजार जुर्माना
- माता-पिता तेंदुए के जबड़े से मासूम को खींच लाए
- दुष्कर्म का आरोप लगाकर बदलवाया सिपाही का धर्म

