मेरठ 25 जून (प्र)। शास्त्रीनगर में आवास विकास परिषद की कार्रवाई से बचने के लिए लोगों ने खुद ही अपने मकानों में सेटबैक छोड़ने के लिए तोड़फोड़ शुरू कर दिया है। दो दिन पहले मकानों में तोड़फोड़ करने पहुंची आवास विकास की टीम को शास्त्रीनगर सेक्टर पांच स्थित इस्कॉन मंदिर कमेटी ने भी घेर लिया था। मंदिर के बाहर कुछ निर्माण तोड़ने की चेतावनी देकर टीम लौट गई थी। इसके बाद मंदिर कमेटी ने बुधवार को स्वयं ही मंदिर से अतिक्रमण हटा लिया। उधर, सेटबैक को विरोध में महिलाओं का धरना अभी भी जारी है।
आवास विकास परिषद ने शास्त्रीनगर के मकानों पर सेटबैक के तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की हुई है। बुधवार को ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई, लेकिन लोग स्वयं ही अपने मकानों को तोड़ने में जुटे हुए हैं। शास्त्रीनगर सेक्टर दो और तीन में महिलाओं में आवास विकास परिषद के अधिकारियों के खिलाफ गुस्सा फूट रहा है। महिलाओं ने कहा कि न्यायालय ने हमारी दया याचिका पर सुनवाई के लिए 14 जुलाई तय की हुई है। इसके बावजूद अधिकारी मकानों पर बुलडोजर चला रहे हैं। न्यायालय का जो परिणाम आएगा, उसको हम मानेंगे। लेकिन इस तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
महिलाओं ने कहा कि अगर आवास विकास परिषद का बुलडोजर सेक्टर दो में चला तो हर घर से लाश उठेगी। इसके जिम्मेदार आवास विकास के अधिकारी ही होंगे। अधिकारियों ने घूस लेकर मकानों को बनवाने का काम किया है। अगर हमारे मकानों को तोड़ने के आदेश जारी किए जा रहे हैं तो भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। महिलाओं ने कहा कि एक तरफ सरकार नारी के सम्मान की बात करती है वहीं दूसरी तरफ हम सभी महिलाएं गर्मी में सड़क पर धरना दे रही हैं। हमारा सम्मान बचाया नहीं जा रहा है। मुख्यमंत्री को हमारे पक्ष में कदम उठाना चाहिए।
हनुमान चालीसा और सुंदरकांड पाठ
धरना स्थल पर बैठी महिलाएं हनुमान चालीसा के साथ सुंदरकांड पाठ करने में जुटी हैं। उनको उम्मीद है कि ईश्वर उनकी मदद जरूर करेंगे। बुधवार को धरना स्थल पर व्यापारियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महिलाओं की संख्या भी दोगुनी हो गई। शाम तीन बजे से पांच बजे तक सुंदरकांड का पाठ किया गया। 21 जून से महिलाओं ने सरकार से अंतिम गुहार के रूप में सात दिवसीय सुंदरकांड का आयोजन शुरू किया जो 27 जून तक चलेगा।

