मेरठ 31 जुलाई (प्र)। कौन कहता है कि लॉकडाउन के बाद मुफलिसी बढ़ी है और लोगों के आय के संसाधन घट गये हैं। यह सब अब गये गुजरे जमाने की बातें हो गयी हैं। मेरठ वालों को अब शराब का नशा करने में अधिक आनन्द आ रहा है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि डेढ साल में मेरठ वासी अरबों रुपये से ज्यादा की शराब पी गये हैं। यह हालात तो सिर्फ जिले में बिकी सरकारी ठेकों की शराब का है। इसके अलावा दूसरे राज्यों से भी धड़ल्ले से शराब की तस्करी की जाती है। आबकारी पुलिस ने शराब की तस्करी करते हुए 807 बदमाशों को पकड़ा है। साथ ही 85 लाख से अधिक बॉटल्स भी पुलिस ने कई जगह से बरामद की हैं। अमूमन शराब पीने वालों के लिए त्यौहार ही बहाना नहीं होता है, बल्कि जिसको पीनी है तो उसको सिर्फ बहाना ही चाहिए। वैसे हर जगह होली के मौके पर व्हिस्की और बीयर की मांग बढ़ जाती है। इस बार के आंकड़ों में भी व्हिस्की और बीयर की खपत अधिक देखी गई जिले की सभी दुकानों पर पर्याप्त मात्रा में कोटा उपलब्ध था। आवकारी विभाग ने 21 अरब रुपयों से अधिक तो एक नंबर में शराब बेचकर हासिल किये हैं। लेकिन इसके साथ-साथ तस्करी भी बड़े पैमाने पर हुई और आबकारी विभाग ने तस्करों को पकड़ने के साथ-साथ देशी, विदेशी शराब का जखीरा भी पकड़ा। पकड़े गये जखीरे से यह साबित होता है कि एक नंबर के साथ- साथ दो नंबर में भी बड़ी संख्या में शराब की बिक्री होती है।
आरटीआई एक्टिविस्ट मनोज चौधरी बताते हैं कि उन्होंने आबकारी विभाग से शराब तस्करी के बारे में पूछा तो उन्हें आबकारी विभाग ने बताया कि मेरठ शहर और जिले में पिछले डेढ़ साल में शराब को स्मगल करते हुए 807 अपराधी पकड़े गए। इसके साथ ही अपरहत शराब की कुल मात्रा लगभग 85 लाख बॉटल्स बरामद हुए हैं।
10 अरब की पी गये देशी शराब
आइये अब आंकड़ों पर गौर डालें तो जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच मेरठ जिले में देशी शराब सबसे ज्यादा बिकी है इस डेढ साल की अवधि में मेरठ वालों ने 10 अरब 76 करोड़ 67 लाख 54 हजार 813 रुपये की शराब पी इस आंकड़े से साफ जाहिर होता है कि मेरठ वालों को देशी शराब की अधिक लत लगी हुई है। आंकड़े साफ बताते हैं कि हर महीने पियक्कड़ों का ग्राफ घटने के बजाये और बढ़ता ही रहा। इस अवधि में 2 करोड़ 55 लाख 37 हजार 210 देशी शराब की बोतलें बिकी।
विदेशी शराब भी 6 अरब की बिकी
जिला आबकारी विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि डेढ साल की अवधि में मेरठ में एक करोड़ 38 लाख 54 हजार 204 विदेशी शराब की बोतलें मेरठ वालों को भाई इन विदेशी शराब को बेचने के साथ आबकारी विभाग को कुल 6 अरब 57 करोड़ 48 लाख 77 हजार रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। विदेशी शराब भी दिसंबर और जनवरी माह की अवधि में सबसे ज्यादा बिकी।
बीयर के केन भी बने मेरठियों की पसंद
मरहूम गायक पंकज उधास की बहुत मशहूर गजल “हुई महंगी शराब थोड़ी-थोड़ी पिया करो” बीयर के आंकड़ों पर पूरी तरह से सटीक बैठती है। 500 एमएल के बीयर के केन इन डेढ साल की अवधि में बिके जो यह बताते हैं कि देशी और विदेशी शराब के बीच बीयर के केन की भी अच्छी खासी खपत हो रही है। जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच मेरठ में ही 3 करोड़ 43 लाख 50 हजार 807 बीयर के केन बिके। इन बीयर के केनों से आबकारी विभाग को राजस्व के रूप में 3 अरब 3 करोड़ 47 लाख 41 हजार 707 रुपये हासिल हुए।
मॉडल और प्रीमियम दुकानें भी खुली हैं मेरठ में
जिला आबकारी अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि जिले में वर्तमान में कुल 186 कंपोजिट दुकानें संचालित हैं। इसके अतिरिक्त, 189 देसी शराब की दुकानें, 7 मॉडल शॉप और 7 प्रीमियम दुकानें भी है। इसमें नए साल के जश्न के दौरान हुई भारी बिक्री का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस आंकड़े में जनवरी और फरवरी की बिक्री भी शामिल होगी।

