मेरठ 10 जुलाई (प्र)। मेरठ में 30 जुलाई से प्रस्तावित कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार रात पुलिस लाइन सभागार में एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था की तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में कांवड़ मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी के निर्देश दिए गए।
बैठक में डीआईजी कलानिधि नैथानी, जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह, एसएसपी अविनाश पांडे समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कांवड़ यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए जिले में 184 जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। अधिकारियों को समय रहते डायवर्जन प्लान लागू करने और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
एडीजी भानु भास्कर ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। कांवड़ मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और ड्रोन के माध्यम से लगातार निगरानी की जाएगी। कंट्रोल रूम से भी हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
बैठक में एक्सप्रेसवे, रैपिड रेल स्टेशनों और प्रमुख मार्गों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कांवड़ियों के साथ-साथ आम लोगों को भी आवागमन में परेशानी न हो और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने अधिकारियों को समय रहते डायवर्जन प्लान लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। कांवड़ मार्गों पर लगने वाले शिविरों की नियमित जांच के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए जिले में 184 जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। यात्रा शुरू होने से लेकर जलाभिषेक तक ये अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्थाओं और जनसुविधाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे।
प्रशासन ने दो शिफ्टों में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। शहर में सिटी मजिस्ट्रेट और चारों एसीएम सुपर जोनल मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी निभाएंगे, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित एसडीएम को यह दायित्व सौंपा गया है। किसी भी आपात स्थिति में यही अधिकारी सबसे पहले मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

