मेरठ 08 जुलाई (प्र)। सेंट्रल मार्केट प्रकरण पर 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। एक सप्ताह से कम का समय है। ऐसे में कई निर्माण ऐसे हैं जिन्होंने सेटबैक छोड़ने और व्यापारिक गतिविधियों को बंद करने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की है। ऐसे निर्माणों के खिलाफ आवास एवं विकास परिषद एक बार फिर ध्वस्तीकरण का अभियान चलाने की योजना बना रहा है। मंगलवार को अधिकारी कार्रवाई की योजना को लेकर मंथन करते रहे।
आवास एवं विकास परिषद ने 860 निर्माणों की सूची सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है जिसमें आवासीय भूखंडों में व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थीं। सेंट्रल मार्केट भूखंड संख्या 661/6 पर निर्मित कांप्लेक्स को ध्वस्त कर दिया गया है। 44 संपत्तियां सील हैं। 19 से 21 जून के बीच परिषद ने 160 से अधिक संपत्तियों में आंशिक तोड़फोड़ की कार्रवाई की थी। मकान मालिकों को दो से सात दिन का समय दिया था कि इस बीच वह सेटबैक छोड़ने की कार्रवाई पूरी कर लें।
अधिकारियों के अनुसार अब तक 125 में सेटब्बैक छोड़ने की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। 210 में तोड़फोड़ की कार्रवाई भूखंड मालिकों द्वारा की जा रही है। इस तरह 380 संपत्तियां अभी ऐसी हैं जिनमें सेटबैक छोड़ने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं चल रही है। सेक्टर दो, तीन और चार में निम्न और दुर्बल आयवर्ग के मकानों को छोड़ दें जिनकी संख्या 250 के आसपास है। तो अभी भी ऐसे
निर्माणों की संख्या 100 से अधिक है जिन्होंने सेटबैक छोड़ने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की है। छोटे मकानों के मालिकों ने परिषद के नोटिस का जवाब देते हुए यह कहा है कि उनके लिए सेटबैक छोड़ना संभव नहीं है। सेटबैक की जगह हुआ निर्माण तोड़ने पर पूरा मकान ढह सकता है।
मकानों के स्ट्रक्चरल सर्वे के लिए परिषद ने हरकोर्ट बटलर विश्वविद्यालय प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञों की टीम भी बुलाई थी। परिषद को 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करनी है। इसी के मद्देनजर परिषद एक बार फिर से ऐसे निर्माणों को सूचीबद्ध कर कार्रवाई की योजना बना रहा है।
मूसलधार वर्षा में भी धरनास्थल पर डटी रहीं महिलाएं
शास्त्रीनगर सेक्टर दो और गोल मंदिर रोड पर मूसलधार बरसात में भी महिलाएं धरना स्थल पर डटी रहीं धरना स्थल पर जो टेंट लगाया गया है वह धूप से बचने के लिए है मंगलवार को जोरदार बरसात अस्तव्यस्त हो गया। महिलाएं बरसात में भी पीछे की ओर बैठी रहीं। वहीं गोल मंदिर रोड पर सेक्टर तीन और चार की महिलाओं ने पास खाली पड़ी दुकान में धरना जारी रखा। महिलाओं ने सेटबैक नहीं देंगे आवास एवं विकास परिषद नोटिस वापस लो के नारे लगाए।
शास्त्रीनगर सेक्टर 2 में महिलाओं को धरना देते हुए तीन माह का समय बीत गया है। मंगलवार को बरसात होने पर व्यापारियों ने उनसे सुरक्षित स्थान पर बैठने की अपील की लेकिन महिलाएं वहीं डटी रही। कपड़े के टैंट से पानी नीचे गिरता रहा। महिलाओं ने सुंदर कांड का पाठ किया। तिरंगा चौक व्यापार संघ के अध्यक्ष मनोज गर्ग ने बुधवार से सभी व्यापारियों से से टैंट धरना स्थल पर बैठने की अपील की। उन्होंने जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया कि महिलाओं को भीगने से बचाने के लिए वाटर प्रूफ बड़ा टैंट लगाने की अनुमति दी जाए। गौल मंदिर रोड पर भी महिलाओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया व शाम को दीप जलाया ।

