मेरठ/आगरा,10 जुलाई (प्र)। देश भर की छावनियों में लीज (पट्टे) पर दी गई संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर बढ़ा बदलाव होने जा रहा है। रक्षा मंत्रालय की प्रस्तावित नई ड्राफ्ट पॉलिसी 2026 लागू होने के बाद जिन लीज व पट्टों की अवधि पूर्ण हो चुकी है। उन्हें नए सिरे से आवंटित किया जाएगा।
नई नीति के अनुसार कुछ अपवादों को छोड़कर देश भर की छावनियों में कैंट कोड लीज और सीएलएआर के अंतर्गत तमाम भूमि वर्षों पहले आवंटित की गई। जिनमें से अधिकांश की लीज या पट्टा अवधि समाप्त हो चुकी है। जिसे अभी तक पुराने आवंटी या विधिक कब्जा धारकों के नाम पर वर्ष दर वर्ष एमओडी पॉलिसी 2017 के तहत बढ़ाया जा रहा था। अब सरकार ने ऐसी सभी समाप्त हुई लीजों के लिए ड्राफ्ट पॉलिसी बनाई है। जिसे सरकार जल्द लागू कर सकती है। जिसके तहत अब समाप्त हुए लीज को वर्ष दर वर्ष रिन्यू नहीं किया जाएगा। बल्कि नए सिरे से अधिकतम 90 वर्ष के लिए लीज पर दिया जाएगा। नए सिरे से मिलने वाली लीज या पट्टे में पहला हक पूर्व आवंटी या विधिक कब्जाधारक का होगा।
एक समान होगा किराया
छावनी परिषदों में लीज समाप्त हुई संपत्तियों से एसटीआर के आधार पर शुल्क लिया जाता है। जिससे आवंटी या विधिक कब्जाधारक की जेब पर कई सौ गुना भार बढ़ जाता है। नई ड्राफ्ट पॉलिसी में एक समान किराए की व्यवस्था की गई है। जो आवंटी को राहत देगी।
आगरा छावनी में हैं 131 संपत्तियां, मेरठ में है 275
आगरा छावनी में वर्तमान में 131 संपत्तियां कैंट कोड और सीएलएआर श्रेणी की लीज, पट्टे पर हैं। इनमें से 84 संपत्तियों की लीज अवधि समाप्त हो चुकी है। अभी तक इन वर्ष दर वर्ष बढ़ाया जा रहा था। नई पॉलिसी लागू होने के बाद नए सिरे से लीज की प्रक्रिया होगी। जिससे आवंटियों और विधिक कब्जाधारकों का सीधा सीधा लाभ मिलेगा। वहीं मेरठ कैंट क्षेत्र में कुल 275 लीज डीड की संपत्तियां हैं, इनमें से 100 से अधिक संपत्तियों की लीज अवधि समाप्त हो चुकी है।
अवैध कब्जाधारक होंगे बाहर
छावनियों में अवैध रूप से विभिन्न लीज संपत्तियों का क्रय विक्रय होता है। तमाम संपत्तियों में अनजान लोग कब्जा जमाए बैठे हैं। ऐसे में नई नीति लागू होने के बाद असल आवंटी या विधिक कब्जाधारक करे नए सिरे से लीज लेने में प्राथमिकता मिलेगी। अवैध कब्जाधारकों का कोई हक नहीं होगा। अवैध खरीद फरोख्त का पर्दाफाश होगा।

