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    Home»देश»लोनिवि मुख्य अभियंता 10 करोड़ के काम मंजूर कर सकेंगे
    देश

    लोनिवि मुख्य अभियंता 10 करोड़ के काम मंजूर कर सकेंगे

    adminBy adminOctober 25, 2025No Comments7 Views
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    लखनऊ,25 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 30 साल बाद लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं के वित्तीय अधिकारियों में बढ़ोत्तरी की है। मुख्य अभियंता 10 करोड़, अधीक्षण अभियंता पांच करोड़ और अधिशासी अभियंता दो करोड़ रुपये तक के काम स्वीकृत कर सकेंगे। इससे परियोजनाओं की तकनीकी स्वीकृति मिलने में देरी खत्म होगी। मुख्य अभियंता को अभी दो करोड़, अधीक्षण अभियंता एक करोड़, अधिशासी अभियंता को 40 लाख तक काम मंजूर करने का अधिकार है।

    लोक निर्माण के अभियंताओं के वित्तीय अधिकार 1995 में निर्धारित किए गए थे। इस बीच निर्माण कार्यों की लागत में पांच गुना से ज्यादा का इजाफा हो चुका है। अभियंताओं के वित्तीय अधिकार सीमित होने से छोटी-छोटी परियोजनाओं की तकनीकी स्वीकृति के लिए पत्रावलियां उच्च स्तर तक भेजनी पड़ रही थीं। इससे टेंडर से लेकर अनुबंध तक में समय लग रहा था। मुख्यमंत्री को शुक्रवार को समीक्षा बैठक में बताया गया कि 1995 की तुलना में अब लागत में 5.52 गुना तक इजाफा हो गया है। योगी ने कहा कि बदलावों से अधिकारियों को निर्णय लेने में स्वायतता वढ़ेगी। निविदा, अनुबंध गठन और काम की प्रक्रिया में गति आएगी। सहायक अभियंता को भी सीमित दायरे में टेंडर स्वीकृति और छोटे कामों की अनुमति देने के अधिकार बढ़ाए जाएंगे। वहीं, विद्युत व यांत्रिक कामों के लिए कम से कम दो गुना तक वित्तीय अधिकार बढ़ाए जाएंगे।

    पदोन्नति प्रक्रिया तय, पारदर्शिता अनिवार्य होगी
    मुख्य अभियंता (स्तर-एक) के पद पर पदोन्नति मुख्य अभियंता (स्तर-दो) से वरिष्ठता के आधार पर की जाएगी। मुख्य अभियंता (स्तर-दो), अधीक्षण अभियंता पर भी पदोन्नति प्रक्रिया को नियमावली में स्पष्ट किया है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप अधिशासी अभियंता से मुख्य अभियंता (स्तर-एक) तक के वेतनमान, मैट्रिक्स पे लेवल भी तय किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण अभियंताओं की सेवा नियमावली को समयानुकूल, व्यावहारिक और पारदर्शी बनाना जरूरी है।

    कार्य में तेजी आने की उम्मीद
    पीडब्लूडी विभाग में कई जनता से जुड़ी योजनाएं वित्तीय स्वीकृति के अभाव में लंबे समय तक लटकी रह जाती हैं। जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा के बाद भी योजनाओं को गति के साथ चलाने में सफलता नहीं मिल पाती है। ऐसे में अब अधिकारियों के वित्तीय अधिकारों में वृद्धि किए जाने से निर्माण योजनाओं को गति प्रदान करने में मदद मिलेगी। प्रदेश में योजनाओं की गति को तेज किया जा सकेगा।

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