बीमारी को छिपाना नहीं चाहिए। पांच मिनट पहले आ जाते तो बच सकती थी जान। या हो सकता था अच्छा इलाज। मरीज जल्दी सही हो जाता। माननीय डॉक्टर साहब द्वारा कई दशक से इन शब्दों का जो उपयोग मरीज ओैन उनके परिजनों संग किया जाता है और अब तो समाचार पत्रों में विज्ञापन छपवाकर बताया जाता है कि बीमारी नहीं छिपानी चाहिए और हर डाक्टर अपने से संबंध बीमारी के बारे में यही बात कहता है। मगर हमें सुरक्षित जीवन और अच्छे स्वास्थ्य और बीमारी के कष्टों से बचाने वाले डॉक्टर साहब को शायद यह ज्ञान कई सालों में भी नहीं हो पाया है कि उनके यह छोटे शब्द आम आदमी के परिवारों में कलह का कारण भी बनते हैं। क्योंकि मरीज को लेकर डॉक्टर के यहां पहुंचे और उन्होंने बीमारी छिपानी नहीं चाहिए पांच मिनट पहले आ जाते यह हो जाता जो मरीज को लाया वह ग्लानि से भर ही जाता है लेकिन परिवार के अन्य लोग इन शब्दों को उजागर कर परिवार के जिम्मेदार व्यक्ति को ताने कशी और व्यंग्य इतने करते हैं कि वह अपने आपको दोषी समझने लगता है जबकि इलाज में पैसा और समय भी उसने खर्च किया। यह कोई नहीं देखता । परिवार के साथ पड़ोसी भी दोहराने लगते हैं कि लापरवाही नहीं करनी चाहिए थी। इसकी उदासीनता के चलते बीमारी बढ़ गई जिसके लिए डॉक्टर साहब भी डॉट रहे थे। इसलिए डॉक्टर साहब अब इन शब्दों का उच्चारण परिवारों की शांति के लिए अगर ना ही किया जाए तो अच्छा है।
डॉक्टर साहब अब यह भी बता दें कि कौन सी बीमारी छिपानी चाहिए और कौन सी नहीं क्योंकि मधुमेह का डॉक्टर कहता है कि इसे नहीं छिपानी चाहिए। मिर्गी और अन्य बीमारियों के डॉक्टर साहब भी यही दोहराते हैं। तो यह कहने की बजाय कि यह बीमारी नहीं छिपानी चाहिए सीधा कह दिया करें कि स्वस्थ रहने के लिए छोटी बड़ी कोई भी बीमारी नहीं छिपानी चाहिए। और यह जो पांच मिनट का दोहा पढ़ा जाता है इसे अब मरीज के परिवारों में शाति के लिए लगभग बंद ही कर देना चाहिए क्योंकि इसके कारण एक तो सही होकर जाता है दूसरा कई बीमारियों को तनाव में आकर मोल ले लेता है। यह किसी के हित में नहीं है लेकिन मरीज बढ़ेंगे तो आमदनी में इजाफा होगा। डॉक्टर साहब अब तो वैसे भी प्रदूषण गंदगी और शोर व मिलावटी खाद्य सामग्री से इतनी बीमारियां हो रही है कि लगभग सभी अस्पतालों और क्लीनिकों में खुलने से लेकर बंद होने तक भ्ीाड़ रहती है।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
Trending
- मेरठ के पुराना 5 सिविल लाइंस में रिहायशी हाउस नं 268 की भूमि पर कथित कमर्शियल साम्राज्य !
- ‘बांके बिहारी मंदिर चढ़ावे पर सुप्रीम कोर्ट ने अपनाया सख्त रुख
- रालोद की पूर्व जिलाध्यक्ष सर्वेश पुंडीर कांग्रेस में शामिल
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्ष में हुई कैबिनेट की बैठक
- प्रशासनिक अधिकारियों ने किया शहर के प्रमुख बाजारों और मार्गों पर पैदल मार्च
- मानक पूरे किये बिना रेस्टोरेंट खोलने पर प्रदर्शन की चेतावनी
- मेरठ बार एसोसिएशन के सभागार में पूर्व अध्यक्ष और महामंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई
- 37 साल की देश सेवा के बाद भी भारतीय नागरिक होने का देना पड़ रहा प्रमाण

