मुंबई, 25 जून (ता)। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन में हुई 22 साल के सेल्समैन मयंक लोहार की सैकड़ों यात्रियों के सामने हुई सनसनीखेज हत्या की घटना से हर कोई सन्न है। हालांकि, बोरीवली जीआरपी ने केस दर्ज होने के 24 घंटे के अंदर ही आरोपी रौशन सुवर्णा को कुर्ला से गिरफ्तार करने में कामयाब रही।आरोपी को अरेस्ट करने के हिए करीब 400 सीसीटीवी की फुटेज खंगाली फिर कुर्ला से अरेस्ट कियज्ञ। चलती ट्रेन में हुए एक मामूली विवाद के बाद पैदा हुए खौफनाक हालात और बटन खोले काले कमीज में चाकू लहराते, मयंक पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला करते हुए आरोपी का वायरल विडियो देखकर लोग स्तब्ध हैं। इस घटना ने 24 जनवरी को मालाड स्टेशन पर चलती लोकल ट्रेन में प्रफेसर आलोक सिंह की हत्या की घटना की याद ताजा कर दी है। आलोक की ट्रेन से उतरने को लेकर आरोपी ओमकार शिंदे से कहासुनी हुई थी जिसके बाद उसकी एक नुकीले हथियार से वार कर हत्या कर दी गई थी।
बोरिवली जीआरपी के अनुसार चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल ट्रेन के फर्स्ट क्लास कोच में बारिश के कारण दरवाजा बंद करने को लेकर गत दिवस रात 10ः42 बजे रौशन और मयंक के बीच अंधेरी से कांदिवली स्टेशन के बीच चलती ट्रेन में कहासुनी हुई। इससे नाराज रौशन ने मयंक को पहले गाली दिया और इसके बाद उसके साथ झगड़ने लगा। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि रौशन ने आक्रोश में आकर साथ में रखे हुए चाकू से मयंक पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसकी कांदिवली शताब्दी अस्पताल में भर्ती होने से पहले ही मयंक की मौत हो गई। सीनियर पीआई दत्ता खुपेकर ने कहा कि मृतक की पहचान विरार निवासी मयंक रमेश लोहार के रूप में हुई है। वह अंधेरी स्थित एक निजी स्टोर में सेल्समैन के तौर पर काम करता था और रोजाना लोकल ट्रेन से सफर करता था। मंगलवार रात वह ड्यूटी खत्म कर चर्चगेट से नालासोपारा जाने वाली फास्ट लोकल ट्रेन के फर्स्ट क्लास डिब्बे में सवार हुआ था। आरोपी रौशन और उसके पिता मुंबई एयरपोर्ट के कार्गाे विभाग में काम करता है।
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