मेरठ 20 जून (प्र)। कचहरी के बाहर और मेरठ कॉलेज के सामने अधिवक्ताओं व कचहरी के स्टाफ के वाहनों की पार्किंग के नाम पर बड़ा खेल किया जा रहा है। कचहरी के चंद वाहन खड़े हो रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में बाहरी वाहनों की पार्किंग कर रोजाना मोटी रकम एकत्र की जा रही है और सीधे तौर पर नगर निगम के राजस्व को चोट पहुंचाई जा रही है। पार्किंग में कई लाइनों में वाहनों को खड़ा कराने से कचहरी के आगे दिनभर जाम लगा रहता है, इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दरअसल, करीब 10 साल पहले वाहनों की पार्किंग कचहरी परिसर में होती थी। वाहनों की संख्या अधिक होने से वहां लोगों के निकलने का रास्ता नहीं मिल पाता था, जिससे अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखक, मुंशी और कचहरी के स्टाफ के साथ साथ वहां आने वाले वादकारियों को परेशानी होती थी। अधिवक्ताओं ने तत्कालीन डीएम को समस्या से अवगत कराया था और कचहरी के बाहर अधिवक्ताओं व कचहरी के स्टाफ के वाहनों पार्किंग कराने की मांग की थी।
डीएम ने इस संबंध में नगर निगम के अधिकारियों व्यवस्था को लागू करने को कहा। उस वक्त नगर निगम ने कचहरी के आगे वाहनों की पार्किंग के लिए छूट दे दी। कचहरी के पश्चिम गेट के पास मेरठ बार एसोसिएशन ने वाहनों की पार्किंग के लिए एक प्राइवेट व्यक्ति को जिम्मेदारी सौंपी। फिर वही व्यक्ति पार्किंग का ठेकेदार बन गया और कचहरी आने वाले लोगों के वाहन खड़ा करने के नाम पर अनाप शनाप रुपये वसूलने लगा। हद तो ये है कि मेरठ कॉलेज के सामने और उससे आगे भी वाहनों की पार्किंग की जा रही है। वाहनों की पार्किंग कचहरी के पश्चिम गेट से लेकर एलेक्जेंडर क्लब तक की जा रही है। कचहरी के गेट के सामने मार्केट के आगे से लेकर मेरठ कालेज के मेन गेट तक वाहनों की पार्किंग चल रही है। यहां कई लेन बनाकर सैकड़ों चौपहिया व दुपहिया वाहनों को खड़ा कराया जा रहा है। ऐसे में पार्किंग के नाम पर मोटी वसूली हो रही है। पार्किंग की आय किस के पास जा रही है, कोई बताने को तैयार नहीं है। जबकि नगर निगम की सड़क होने के बावजूद उसके खजाने में एक भी रुपये नहीं जाता।
ठेकेदार कर रहा लाखों की कमाई
बार एसोसिएशन ने जिस व्यक्ति को वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी, वह कई लाख रुपये महीना कमा रहा है। दिनभर में हजारों वाहनों की पार्किंग होती है और हर किसी से कार पार्किंग के 50 रुपये, बाइक पार्किंग के 20 रुपये व साइकिल के 10 रुपये शुल्क लिया जाता है शुल्क की पर्ची पर न तो बार एसोसिएशन और न ही नगर निगम की कोई मुहर, लोगो आदि का जिक्र है। ऐसे में पार्किंग का सीधा लाभ नगर निगम के बजाय कथित ठेकेदार की जेब में जा रहा है।
कचहरी और कलक्ट्रेट में रोज आते 50 हजार लोग
मेरठ में कचहरी, कलक्ट्रेट और विकास भवन एक साथ हैं। यहां अदालतों के साथ- साथ प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तर, जिला पंचायत का कार्यालय, समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय, मत्सय पालन विभाग, एनआईसी कार्यालय, सांख्यिकी विभाग, मुर्गी पालन विभाग आदि एक दर्जनों कार्यालय है। यहां रोजाना करीब 30 हजार वादकारी और करीब 20 लोग प्रशासनिक अधिकारियों व अन्य कार्यालयों में आते हैं। इन सबके वाहन पार्किंग में खड़े होते हैं।
संकरी सड़क पर पार्किंग से पूरे दिन जाम
कमिश्नर कार्यालय चौराहा से लेकर बच्चा पार्क तक पिछले कई माह से सीएम ग्रिड रोड का निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में सड़क पर मलबा भी पड़ा है, लेकिन वाहनों की पार्किंग अभी भी सड़क पर की जा रही है, जिससे सड़क ने सकरी गली का रूप ले लिया है। यहां सड़क पर निर्माण कार्य और वाहनों की पार्किंग होने से दिनभर जाम की समस्या बनी रहती है। ऐसे में वहां से गुजरने वालों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आजकल कोऑपरेटिव बैंक की पुलिया का चौड़ीकरण किया जा रहा है. जिससे जाम की समस्या” और गंभीर हो गई है।
तीन लेयर में होती है वाहनों की पार्किंग
कचहरी के सामने पार्किंग वाला खुलकर खेल रहा है। पैसा की ज्यादा से ज्यादा वसूली के लिए वह वाहनों की तीन लेयर पार्किंग करा रहा है। दो लेयर तो चार पहिया वाहनों की होती है और उसके बाद एक लेयर दोपहिया वाहन की होती है। ऐसे में आधे से ज्यादा सड़क पार्किंग में ही चली जाती है। ऊपर से सीएम ग्रिड का काम चल रहा है तो जाम के हालात तो बनने ही हैं।
अफसोसजनक बात यह है कि जिस जगह पार्किंग है, वहां से रोजाना तमाम पुलिस व प्रशासन के अधिकारी गुजरते हैं और जाम में फंसते हैं, इसके बावजूद पार्किंग पर कोई एक्शन नहीं हो रहा।
सड़क निर्माण के चलते नहीं हटवाई पार्किंग
वेस्टर्न कचहरी रोड पर कमिश्नर कार्यालय चौराहा से लेकर बच्चा पार्क तक सीएम ग्रिड सड़क का निर्माण करीब पांच माह से चल रहा है। सड़क पर मलबा और निर्माण सामग्री भी पड़ी रहती है। ऐसे में वहां पार्किंग भी चल रही है, जबकि उसे अस्थाई रूप से यहां से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। नतीजा रोजाना भीषण जाम के हालात बने रहते हैं।
पार्किंग के नाम पर वसूली की शिकायत नहीं मिलीः अनुज
मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुज शर्मा का कहना है कि बार एसोसिएशन ने वाहनों की पार्किंग के लिए एक प्राइवेट व्यक्ति को रखा है वह वाहनों की पार्किंग कराता है। पार्किंग के नाम पर 50 रुपये वसूलने की उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली।
कचहरी में हो पार्किंग की व्यवस्था: रविंद्र सिंह
मेरठ जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र सिंह का कहना है कि जिला बार एसोसिएशन ने वकीलों और वादकारियों के वाहनों के लिए पुलिस चौकी के पास पार्किंग बनाने का प्रस्ताव कई बार बनाकर दिया था, लेकिन जगह कम बता कर रदद कर दिया गया।
पार्किंग शुल्क वसूली की जानकारी नहींः तनुजा निगम
हैरत की बात ये है कि बरसों से पार्किंग चल रही है, लेकिन नगर निगम को वसूली की जानकारी ही नहीं है। सहायक नगरायुक्त और पार्किंग प्रभारी तनुजा निगम का कहना है कि कचहरी के बाहर वर्षों से वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था बार एसोसिएशन द्वारा की जा रही है। वाहनों से शुल्क वसूली की जानकारी उन्हें नहीं है। इसका पता लगाया जाएगा।

