मुंबई, 28 मई (ता)। एक्ट्रेस और फैशन जगत की जानी-मानी हस्ती खुशी मुखर्जी ने पिछले कुछ सालों में अपने साथ हुए कथित उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। एक भावुक बयान में उन्होंने कहा कि उन्हें न केवल लगातार धमकियों और सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ा, बल्कि उनके निजी और व्यावसायिक जीवन को भी बुरी तरह प्रभावित करने की कोशिश की गई।
खुशी के मुताबिक, इन तमाम विवादों की शुरुआत उनकी फैशन ड्रेसेज और सार्वजनिक उपस्थिति को लेकर हुई थी। कुछ खास समूहों ने उनके पहनावे को लेकर उन्हें निशाना बनाना शुरू किया और सोशल मीडिया पर उनकी उपस्थिति व सार्वजनिक छवि को कंट्रोल करने का प्रयास किया। उन्होंने चिंता जताई कि एक लोकतांत्रिक देश में रहने के बावजूद उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार किया जा रहा है।
खुशी मुखर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि लगातार मिलने वाली धमकियों, उनके घर में हुई चोरी की घटनाओं और मानसिक दबाव के कारण वह गंभीर डिप्रेशन का शिकार हो गईं। इस इमोशनल और मानसिक चोट का सीधा असर उनकी सेहत पर पड़ा। उन्होंने दावा किया कि इसी तनाव के चलते कुछ महीने पहले उन्हें दिल का दौरा भी पड़ा था। एक्ट्रेस ने सिस्टम और स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि मुसीबत के समय जब उन्होंने पुलिस थानों में शिकायतें दर्ज कराईं, तो अधिकारियों द्वारा उन्हें कथित तौर पर नजरअंदाज कर दिया गया। मदद न मिलने के कारण वह खुद को बेहद अकेला और असहाय महसूस करने लगीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ शक्तिशाली समूह स्वतंत्र आवाजों को कुचलने के लिए अपने रसूख और ताकत का खुलेआम गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
इस पूरे विवाद का असर खुशी के करियर और बिजनेस पर भी पड़ा है। उन्होंने बताया कि सालों की कड़ी मेहनत से खड़ा किया गया उनका फैशन डिजाइनिंग का बिजनेस अब पूरी तरह बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गया है। इसके साथ ही उन्होंने एंटरटेनमेंट और फैशन इंडस्ट्री में फैले नेपोटिज्म, गुटबाजी और पक्षपात पर भी गहरी निराशा जाहिर की। उन्होंने सीधे तौर पर श्करणी सेनाश् और उससे जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस संगठन ने उनकी ऑनलाइन प्रेजेंस से लेकर उनके काम तक, हर चीज को नुकसान पहुंचाया। खुशी ने सवाल उठाया कि एक आधुनिक और लोकतांत्रिक समाज में कोई संगठन यह तय करने वाला कौन होता है कि एक महिला को क्या पहनना चाहिए और उसे अपनी जिंदगी कैसे जीनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए खुशी ने खुलासा किया कि उनके इंस्टाग्राम अकाउंट को हैक या ब्लॉक कर दिया गया था, जिसे वापस पाने के लिए अब मामला हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। उन्होंने सवाल किया कि क्या आज के दौर में सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने, अपना बिजनेस चलाने और अपनी पसंद के कपड़े पहनने जैसी बुनियादी व्यक्तिगत स्वतंत्रताएं भी बाहरी दबाव के कारण खत्म होती जा रही हैं?
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