नई दिल्ली, 11 मार्च (भा)। भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) पीटर एलबर्स ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने गत दिवस रेगुलेटरी फाइलिंग में इसकी जानकारी दी। एलबर्स के जाने के बाद अब कंपनी के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया अंतरिम तौर पर एयरलाइन के कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगे।
3 महीने पहले इंडिगो को भारी फ्लाइट ऑपरेशंस संकट का सामना करना पड़ा था। उस दौरान करीब 3 लाख यात्री फंसे रह गए थे, जिसके बाद एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए ने एयरलाइन पर ₹22.20 करोड़ का भारी जुर्माना भी लगाया था।
इंडिगो ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में कहा कि कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की गत दिवस हुई मीटिंग में सीईओ पीटर एलबर्स के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया है। उन्हें बिजनेस ऑवर्स खत्म होने के बाद जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। उनकी जगह राहुल भाटिया कंपनी के मामलों का मैनेजमेंट देखेंगे।
राहुल भाटिया को लिखे अपने इस्तीफे में पीटर एलबर्स ने पद छोड़ने के पीछे निजी कारणों का हवाला दिया है। उन्होंने कंपनी से अपना नोटिस पीरियड खत्म करने की भी अपील की ताकि वे तत्काल प्रभाव से पद मुक्त हो सकें।
पीटर एलबर्स ने सितंबर 2022 में इंडिगो की कमान संभाली थी। पिछले साल दिसंबर में एयरलाइन को अपने इतिहास के सबसे खराब ऑपरेशनल संकट का सामना करना पड़ा था। सैकड़ों उड़ानें रद्द होने और देरी की वजह से एयरलाइन की साख पर बुरा असर पड़ा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संकट की वजह से कंपनी को करीब ₹2,000 करोड़ का नुकसान भी हुआ था। तभी से एलबर्स पर इस्तीफे का दबाव था।
दिसंबर में हुए फ्लाइट व्यवधान के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने इंडिगो के खिलाफ सख्त रुख अपनाया था। जांच में पाया गया कि एयरलाइन ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरती। इसके बाद इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ की पेनल्टी लगाई गई थी। जानकारों का मानना है कि इस घटना के बाद से ही बोर्ड और सीईओ के बीच तालमेल में कमी आने लगी थी।
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