मुंबई, 06 अप्रैल (अम)। बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि सिर्फ वैवाहिक विवाद के आधार पर किसी जीवनसाथी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप नहीं लगाया जा सकता। अदालत ने कहा कि घरेलू जीवन में मतभेद और तनाव सामान्य बात है और इसे सीधे तौर पर आत्महत्या से जोड़ना उचित नहीं है। नागपुर बेंच ने यह टिप्पणी करते हुए एक 49 वर्षीय महिला के खिलाफ दर्ज आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले को खारिज कर दिया। यह मामला 2019 में अमरावती पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि किसी व्यक्ति को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी ठहराने के लिए यह साबित करना जरूरी है कि आरोपी ने सीधे तौर पर पीड़ित को ऐसा कदम उठाने के लिए प्रेरित किया या उसे उकसाया। केवल पति-पत्नी के बीच झगड़े या आरोप-प्रत्यारोप को इसका आधार नहीं बनाया जा सकता।
न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी फाल्के की एकल पीठ ने कहा कि इस मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर दुर्व्यवहार और प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। ऐसे में इसे अधिकतम मानसिक तनाव का कारण माना जा सकता है, लेकिन इसे आत्महत्या के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘मेंस रिया’ यानी अपराध करने की मंशा का होना जरूरी है। बिना इरादे या जानकारी के किसी को उकसावे का दोषी नहीं ठहराया जा सकता। गुस्से में कही गई बातें भी इस अपराध की श्रेणी में नहीं आतीं। मामले में यह भी सामने आया कि मृतक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया था, जिससे यह साफ होता है कि महिला की भूमिका सीधे तौर पर साबित नहीं होती।
दरअसल, दोनों की शादी 1996 में हुई थी और समय के साथ उनके बीच विवाद बढ़ते गए। पति के परिवार ने महिला पर प्रताड़ना और अन्य आरोप लगाए, जबकि महिला ने भी अपने साथ हिंसा और दुर्व्यवहार का दावा किया। अदालत ने इन सभी तथ्यों को देखते हुए कहा कि यह मामला वैवाहिक विवाद का है और इसे आपराधिक उकसावे के रूप में नहीं देखा जा सकता।
Trending
- कांवड़ यात्रियों से अपील यात्रा के दौरान गैर-हिंदुओं से सामान न खरीदें
- भारतीय निशानेबाजों का चीन में शानदार प्रदर्शन
- धोखे से की गई दूसरी शादी में भी पत्नी भरण-पोषण की हकदार: इलाहाबाद हाईकोर्ट
- छात्रों पर कार्रवाई नहीं रूकी तो सीजेपी ने दी दोबारा आंदोलन की चेतावनी
- खटकाना-आजादनगर में 15 सितंबर से डलनी शुरू हो जाएगी सीवर लाइन
- तीन घंटे क्लास में बंद रही मासूम, ग्रामीणों ने ताला तोड़कर निकाला
- नीट छात्रा अंकिता सांगले ने की आत्महत्या
- जागृति विहार में आवास विकास का चला बुलडोजर, अपने ही नक्शों पर कार्रवाई

