दुनिया भर के हिन्दी की पत्रकारिता करने वालों के प्रेरणास्रोत और अपने समय में हर मीडियाकर्मी चाहे वह किसी भी प्रकार से पत्रकारिता कर रहा हो उसके अधिकारों की सुरक्षा देशभक्ति एवं मिश्नरी पत्रकारिता को जिंदा रखने के लिए अंत समय तक रात और दिन सक्रिय रहे और समाज को जोड़े रखने की महत्वपूर्ण इच्छा के चलते एक दिन बलवाईयों के बीच घिरे और हमे छोड़कर चले गये ऐसी महान प्रतिभा राष्ट्रभक्ति और जनसेवा की भावना से ओतप्रोत श्री गणेश श्ंाकर विद्यार्थी देश की आजादी के लिए अपने तरीके से पूरे जीवन संघर्ष करते रहे। कई बार वह महत्वपूर्ण पदों पर विराजमान रहे और संसद व विधानसभाओं में भी उनका प्रभाव रहा मगर फिर भी पूरे जीवन ना तो अपनी कोई संपत्ति बना पाये और ना कोई बैंक बैलेंस नहीं रहा क्योंकि उनका तो सपना ही हिन्दी पत्रकारिता के माध्यम से अभियान चलाकर देश को स्वतंत्र कराना रहा।
लेकिन यह कितने अफसोस की बात है कि वर्तमान समय में केन्द्र और प्रदेश में देश भक्तिों को बढ़ावा देने वालों की सरकार स्थापित है उसके बावजूद यूपी का कानपुर जहां गणेश शंकर विद्यार्थी का कर्म क्षेत्र रहा उसमें उनकी लगी एक प्रतिमा भी जो मेट्रो निर्माण के दौरान हटाई गयी थी यह कहते हुए कि कार्य पूर्ण होने पर पुनः लगा दी जाएगी वह आज तक नहीं लग पायी और जब तक कानपुर से सपा के विधायक अमिताभ वाजपेयी के द्वारा अपने खून से चिट्ठी लिखकर प्रशासन और सरकार को जागरूक नहीं किया गया तब तक यह मामला कागजों में ही बंद पड़ा था। लेकिन अब मूर्ति ले जाने वाले तो सामने आ गये हैं मगर सम्मानजनक रूप से उसकी स्थापना क्यों नहीं हो पा रही यह विषय सोचनीय है। सोशल मीडिया एसोसिएशन एसएमए के राष्ट्रीय महामंत्री श्री अंकित बिश्नाई, ऑल इंडिया न्यूज पेपर एसोसिएशन आईना के नेशनल चेयरमैन श्री सुरेन्द्र शर्मा एलएलबी एवं भारतीय भाषाई समाचार पत्र संगठन इलना के वर्तमान में संरक्षक पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील डांग जाने माने साहित्यकार लेखक कहानीकार और कवि सुधाकर आशावादी एडवोकेट आदि ने सपा विधायक अमिताभ वाजपेयी के गणेश शंकर विद्यार्थी जी की मूर्ति की पुनः स्थापना के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से आग्रह किया है कि वह दुनिया भर में हिन्दी की पत्रकारिता करने वालों के प्रेरणास्रोत और उनकी भावनाओं से जुड़े आदणीय गणेश शंकर विद्यार्थी जी की प्रतिमा पुनः 30 मई हिन्दी पत्रकारिता दिवस से पूर्व ही स्थापित कराकर इस देश भक्त को सम्मान को कायम करे तथा केन्द्र और प्रदेश सरकार हर वर्ष 30 मई को गणेश शंकर विद्यार्थी जी के नाम पर कुछ राष्ट्रीय प्रदेशीय और जिलास्तर के सम्मान घोषित करें और श्री गणेश शंकर विद्यार्थी जी के दिखाये मार्ग पर चलने एवं उनका अनुशरण करने वाले पत्रकारों को वह सम्मान और पुरस्कार दिये जाये जिससे हिन्दी व हिन्दी पत्रकारिता को गौरवशाली इतिहास रहा है वह बना रहे और वैसे भी अब केन्द्र और प्रदेशों की सरकारें ज्यादातर मातृभाषा और राष्ट्रभाषाओं को अन्य प्रदेश के भाषाओं के साथ ही हिन्दी पत्रकारिता के माध्यम से इस पुनीत कार्य में जो सहयोग दिया जा रहा है उनसे संबंध पत्रकारों को सम्मानित किया जाये। और सोशल मीडिया एसोसिएशन एसएमए के संस्थापक राष्ट्रीय महामंत्री मजीठिया बोर्ड यूपी के पूर्व सदस्य अंकित बिश्नोई, वरिष्ठ पत्रकार व सम्पादक सोशल मीडिया एसोसिएशन के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष की यह मांग भी सही है कि सम्मान के रूप में हिन्दी से जुड़े कलमकार पत्रकार को एक लाख रूपये नकद अंगवस्त्र और प्रशस्ती पत्र दिया जाये और ऐसी व्यवस्था हो कि जैसे उच्च पुरस्कार को प्राप्त करने के लिए नीति बनी हुई है उसी के अनुसार इन्हें भी प्रदेश और केन्द्र का अतिथि घोषित किया जाये। और हिन्दी मिशनरी पत्रकारिता को बढ़ावा देेने के लिए राष्ट्रहित में काम कर रहे पत्रकारों को स्वतंत्र रूप से काम करने का मौका और सम्मान उपलब्ध कराया जाये। यह वक्त की सबसे बड़ी मांग हिन्दी और हिन्दी पत्रकारिता का गौरव बनाये रखने हेतु अत्यंत जरूरी है।
प्रस्तुतिः- अंकित बिश्नोई संस्थापक महामंत्री सोशल मीडिया एसोसिएशन एसएमए के संस्थापक राष्ट्रीय महामंत्री मजीठिया बोर्ड यूपी के पूर्व सदस्य सम्पादक पत्रकार
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