लखनऊ 18 जून। बहुचर्चित कोडीन कफ सिरप कांड में एक लाख के इनामी मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल और उसके साथी वरुण सिंह, गौरव जायसवाल को यूपी एसटीएफ ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। दुबई में बैठे तीनों आरोपी कुर्की, लुक आउट नोटिस और कोर्ट से कई बार एनबीडब्ल्यू जारी होने के बाद भी हाजिर नहीं हुए। इसके बाद पुलिस ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा भगोड़ा की कार्रवाई कराई है।
पुलिस के मुताबिक, शुभम गिरोह का मास्टरमाइंड है। वह वाराणसी की सिगरा कॉलोनी का रहने वाला है। वरुण आदमपुर प्रहलादघाट के कायस्थ टोला का है, जबकि गौरव जायसवाल पियरी भुलेटन चौक का निवासी है। आरोपियों के खिलाफ आठ अप्रैल 2024 को धोखाधड़ी, एनडीपीएस एक्ट समेत अन्य धाराओं में सुशांत गोल्फ सिटी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
कफ सिरफ तस्करी के आरोप
कफ सिरप तस्करी मामले में करीब डेढ़ साल पहले शासन ने एसटीएफ को जांच सौंपी थी। शुभम ने यूपी के अलावा देश के विभिन्न राज्यों में कफ सिरप की तस्करी की। शुभम के खिलाफ विभिन्न जिलों में कई मुकदमे दर्ज हैं। शुभम और उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए एक-एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस और एसटीएफ की टीमें लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही थी पर कुछ पता नहीं चला। इस बीच वह मौका पाकर दुबई भाग गया। आशंका है कि साथ में उसके साथी वरुण और गौरव भी वहीं हैं।
फरवरी में जारी हुआ था गैर जमानती वारंट
तीनों के खिलाफ विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट ने 4 फरवरी 2026 को गैर जमानती वारंट जारी किया था। 18 फरवरी 2026 को धारा 82 सीआरपीसी के तहत फरारी उद्घोषणा जारी करते हुए आरोपियों को 18 मार्च 2026 तक अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया गया था। इसके बाद भी तीनों आरोपी हाजिर नहीं हुए और फरार चल रहे हैं।
बैंकाक जाते पकड़ा गया था पिता, अबतक 18 गिरफ्तारी
सोनभद्र पुलिस ने शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल को कोलकाता एयरपोर्ट से बैंकाक भागते समय गिरफ्तार किया था। इस मामले में पूर्वांचल के एक बाहुबली के करीबी आलोक सिंह (बर्खास्त सिपाही), करीबी अमित टाटा को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस और एसटीएफ अबतक कफ सिरप तस्करी से जुड़े 18 लोगों को जेल भेज चुकी है।
पांच करोड़ की संपत्ति कुर्क, 33 की तैयारी
एसटीएफ ने मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल की अपराध से बनाए प्लाट, गाड़ियों समेत करीब 38 करोड़ की संपत्तियों की सूची तैयार की थी। इसमें से महरौली और शिवपुरी स्थित प्लाट कीमत करीब पांच करोड़ रुपये की प्रापर्टी कुर्क कर दी थी। बाकी 33 करोड़ की अन्य संपत्तियां कुर्क करने की तैयारी है।

