मेरठ 08 जुलाई (प्र)। कई वर्षों के अंतराल के बाद पिछले साल जनपद में सर्किल रेट संशोधित किए गए थे। इस बार शासन ने पूरे प्रदेश में स्टांप शुल्क की गणना को आसान बनाने के लिए मानकीकृत सर्किल रेट सूची तैयार कराई है, ताकि प्रदेश के सभी जनपदों में एक समान व्यवस्था हो सके। निबंधन अधिकारियों ने मानकीकृत सूची तैयार करके जिलाधिकारी को उपलब्ध करा दी है। इसी के साथ पुराने सर्किल रेट में वृद्धि का प्रस्ताव भी बनाया है, जिसे एक अगस्त से लागू करने की तैयारी है। वहीं डीएम डा. वीके सिंह ने इसे लागू करने से पहले ऐसे गांवों के नाम तहसीलों और प्रशासनिक अधिकारियों से मांगे हैं जो सरकारी विभागों की विकास योजनाओं से प्रभावित हैं।
डीएम के निर्देश पर एडीएम वित्त ने एडीएम प्रशासन तथा एडीएम भूमि अध्याप्ति को पत्र भेजकर गांवों की सूची मांगी है। ऐसे क्षेत्रों में सर्किल रेट में बदलाव नहीं किया जाता है। आइजी निबंधन ने सभी जनपदों में मूल्यांकन दर सूची में एकरूपता लाने, स्टांप शुल्क की गणना आसान करके सुविधाजनक और पारदर्शी बनाने के लिए मानकीकृत सूची तैयार करके एक अगस्त से प्रभावी करने का आदेश दिया है। सूची में शहर, कस्बों और गांवों के मोहल्लों और क्षेत्रों की उनके महत्व के मुताबिक अधिकतम 25 श्रेणियां निर्धारित की हैं। प्रत्येक श्रेणी में कृषि, आवासीय, व्यवसायिक और औद्योगिक संपत्तियों की दरें तय की गई। हैं। सर्किल रेट में वृद्धि का प्रस्ताव भी निबंधन अधिकारियों ने दिया है।
आइजी निबंधन शर्मा नवीन कुमार एस के आदेश के मुताबिक मानकीकृत सर्किल रेट सूची तैयार कर ली गई है। इसके लिए किए गए सर्वे में सामने आया है कि कई स्थानों पर संपत्ति के सर्किल रेट वर्तमान बाजार रेट से काफी कम हैं। ऐसे स्थानों के सर्किल रेट में वृद्धि का प्रस्ताव भी दिया गया है। आइजी ने संशोधित सूची को एक अगस्त से लागू करने के लिए कहा है। इस संबंध में निर्णय जिलाधिकारी द्वारा लिया जाएगा।
एक समान होंगे अतिरिक्त स्टांप शुल्क के नियम
राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे, राज्य राजमार्ग, जिला मार्ग, पार्क फेसिंग, एक से अधिक मार्गों पर स्थित संपत्तियों की रजिस्ट्री में स्टांप शुल्क की गणना के नियम भी जनपदों में अलग अलग हैं। कहीं सर्किल रेट में ही वृद्धि की गई है और कहीं निर्धारित सर्किल रेट पर अतिरिक्त स्टांप शुल्क को जोड़ा जाता है। मानकीकृत सूची में सर्किल रेट तो फिक्स होंगे लेकिन ऐसी कोई भी विशेषता रखने वाली संपत्ति पर अतिरिक्त स्टांप शुल्क लिया जाएगा। इसका प्रतिशत निर्धारित किया जाएगा।

