अयोध्या 10 जुलाई। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर की दर्शन व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए पूर्व महासचिव चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव की वीआईपी एवं सगम दर्शन पास जारी करने वाली सिस्टम आईडी निष्क्रिय कर दी है। वहीं, राम मंदिर के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास का अधिकार बढ़ाते हुए उनके नाम से आईडी जनरेट कर दी गई है। अब उनकी आईडी से भी पास जारी किए जा सकेंगे। सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर में दो प्रकार के पास जारी किए जाते हैं। सुगम दर्शन पास और विशिष्ट दर्शन पास इसके लिए ट्रस्टियों और अधिकृत पदाधिकारियों के नाम से सिस्टम में अलग-अलग आईडी बनाई गई है।
संबंधित पदाधिकारी की संस्तुति पर श्रद्धालुओं के लिए पास जारी किए जाते थे। हाल के घटनाक्रमों के बाद ट्रस्ट ने पास जारी करने की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए तीन ऐसी आईडी बंद कर दी हैं, जिनसे सबसे अधिक पास जारी हुए थे। अब ट्रस्ट से बाहर होने के बाद चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव की संस्तुति पर किसी भी प्रकार का सुगम या विशिष्ट दर्शन पास जारी नहीं किया जाएगा।
सूत्रों का दावा है कि चढ़ावा प्रकरण में आरोपी टिन्नू ने इसी व्यवस्था का दुरुपयोग कर बड़ी संख्या में पास जारी करवाए थे। एजेंसियां पूरे सिस्टम की भी पड़ताल कर रही हैं। कुछ लोगों पर इन आईडी के माध्यम से पास जारी कराने के नाम पर अवैध लाभ लेने के भी जांच के दायरे में हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
22 के बाद राम मंदिर में लागू होगी नई व्यवस्था
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट 22 जुलाई के बाद राम मंदिर की व्यवस्थाओं में व्यापक बदलाव लागू करने की तैयारी में है। दर्शन व्यवस्था, राग-भोग, पूजा पद्धति, श्रद्धालु सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने के लिए ट्रस्ट नए सिरे से मंधन कर रहा है।

