मेरठ 18 जुलाई (प्र)।औघड़नाथ मंदिर में शिवरात्रि की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को बैठक हुई। मंदिर की सजावट से लेकर कांवड़ियों के लिए बैरिकेडिंग, प्रवेश, निकासी और सीसीसीटीवी कैमरों से निगरानी पर चर्चा हुई। इस बार बाबा औघड़दानी का दरबार सुनहरे रंग की रोशनी से जगमग होगा।
औघड़नाथ शिव मंदिर समिति के अध्यक्ष सतीश सिंघल ने कहा कि 30 जुलाई से सावन का महीना शुरू हो रहा है। 11 अगस्त को कांवड़ शिवरात्रि मनाई जाएगी। चतुर्दशी का जल 11 अगस्त को होगा। मंदिर के सामने समिति द्वारा पुलिस कैंप लगाया जाएगा। इसी के साथ खोया-पाया केंद्र, चिकित्सा शिविर व जूता स्टैंड स्थापित होंगे। मंदिर में 26 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, इसके अलावा पुलिस की ओर से भी कैमरे लगाए जाएंगे। इन सभी का कंट्रोल रूम मंदिर परिसर में ही स्थापित होगा । निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए जनरेटर व शिवभक्तों के लिए निश्शुल्क गंगाजल की व्यवस्था की जाएगी। सबसे प्रमुख व्यवस्था मंदिर प्रांगण में बैरिकेडिंग होगी। जलाभिषेक करने वाले कांवड़ियों व शिवभक्तों को गरुड़ द्वार से प्रवेश देकर नंदी द्वार से निकाला जाएगा। 10 व 11 अगस्त की पूरी रात जलाभिषेक व दर्शन के लिए मंदिर खुला रहेगा। मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ एसडीएम मृदुला दुबे, सीओ कैंट संजय गुप्ता, सदर बाजार थाना प्रभारी अखिलेश मिश्र, छावनी परिषद के एई पीयूष गौतम, बिजली विभाग के एसडीओ सूरज सिंह व अन्य विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
पांच डाकघरों में मिलेगा गंगोत्री का गंगाजल
सावन माह में आम जनमानस की सुविधा के लिए डाक विभाग हर साल की भांति इस बार भी पवित्र गंगाजल उपलब्ध करा रहा है । मेरठ के प्रवर अधीक्षक डाकघर जितेंद्र ने बताया कि पांच डाकघर काउंटरों पर गंगाजल बोतल की बिक्री की जा रही है। इसमें शहर के अंतर्गत बुढ़ाना गेट, गांधी आश्रम व परतापुर और देहात क्षेत्र में सरधना व जानी उप डाकघरों में गंगाजल की बोतल उपलब्ध है। डाकघर काउंटर पर मिलने वाले इस गंगोत्री धाम के 250 मिली गंगाजल की बोतल का मूल्य 30 रुपये रखा गया है।
श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए गाइडलाइन
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शिविर संचालकों के लिए 22 बिंदुओं की गाइडलाइन जारी की है। स्पष्ट किया है कि भोजन बनाने से लेकर परोसने तक स्वच्छता के मानकों का पालन किया जाए। रसोइये ग्लव्स, हेड कवर और साफ कपड़ों का प्रयोग करेंगे। भोजन में अधिक रंगों का प्रयोग न हो। भोजन बनाने वाले के बाल लंबे न हों और वह गुटखा न खाता हो। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवि शर्मा ने बताया कि शिविर निरीक्षण के लिए 10 टीमें बनाई हैं। गाइडलाइन का उल्लंघन मिलने पर शिविर संचालकों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि शिविर ऐसे स्थान पर लगाने के निर्देश दिए हैं, जहां गंदगी न हो। भोजन को ढककर रखा जाए। भोजन स्थल की नियमित सफाई अनिवार्य है। रसोई में लोहे के बजाय स्टील का चाकू प्रयोग करना होगा। खाना बनाने या परोसने के दौरान गुटखा, तंबाकू, बीड़ी-सिगरेट का सेवन निषेध रहेगा।
कांवड़ सेवा शिविरों के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जारी की गाइडलाइन
- पीने के लिए आरओ आदि के स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था रखें।
- रसोई में पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था रोशनी हो ।
- कच्चे और पके भोजन को अलग- अलग रखें।
- दूध, दही, पनीर जैसी वस्तुओं को उचित तापमान पर रखें ।
- शिविर में प्राथमिक उपचार किट, अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से रखें।
- हाथ धोने के लिए साबुन और स्वच्छ पानी की व्यवस्था करें ।
- एक बार उपयोग किए गए तेल का बार-बार प्रयोग न करें ।
- प्लास्टिक या प्रतिबंधित क्राकरी के बजाय फूड-ग्रेड बर्तन का उपयोग करें।
- परिसर में शौचालय – कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था रखें।

