नई दिल्ली, 18 जुलाई (ता)। किसी भी आरोप में 30 दिन तक जेल में रहने की स्थिति में 31वें दिन मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के स्वतः पदमुक्त होने का प्रविधान करने वाले विधेयक पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने अंतिम समय में अपनी रिपोर्ट टाल दी है। अंतिम रिपोर्ट पर मुहर लगाने के लिए गत दिवस बुलाई गई बैठक में और अधिक विमर्श कर सहमति बनाने पर जोर दिया गया। कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों ने जेपीसी का बहिष्कार कर रखा है। लेकिन, राकांपा (शरद पवार) की सुप्रिया सुले और एआइएमआइएम के असदुद्दीन ओवैसी इसमें शामिल हैं।
इस दौरान 20 अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह ने 130वां संविधान विधेयक लोकसभा में पेश किया था। विपक्ष के भारी विरोध को देखते हुए विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेज दिया गया था। जेपीसी विधेयक में कुछ संशोधनों के साथ अपनी रिपोर्ट तैयार करने में जुटी थी। इन संशोधनों का मसौदा सदस्यों को भेज दिया गया था और गत दिवस इन पर मुहर लगने की उम्मीद थी। लेकिन, बैठक में सुप्रिया सुले और ओवैसी ने अपनी असहमति को इसका हिस्सा बनाने पर जोर दिया । इसे देखते हुए समिति की अध्यक्ष ने और अधिक विचार-विमर्श की जरूरत बताते हुए अंतिम रिपोर्ट पिछले साल संसद के मानसून सत्र के तैयार करने की प्रक्रिया रोक दी।
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