Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • चीन पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने लगाया 22 करोड़ वोटरों का डेटा चुराने का आरोप
    • जैसलमेर बार्डर पर अवैध मस्जिद, मदरसों पर चला बुलडोजर
    • सुप्रीम कोर्ट ने लगाई निजी अस्पतालों को फटकार
    • एनआरआई परिवार से रिश्वत मांगने वाला एसएचओ गिरफ्तार
    • शहर में बिजली बाधित रहने से हाहाकार मचा
    • हरित रेल तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
    • नीट में तीन बार बदले अंक : छात्रा आर्या सिंह
    • गंगानगर-पल्लवपुरम के वेंडिंग जोन में दुकानों के आवंटन पर मंथन
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»गंगानगर-पल्लवपुरम के वेंडिंग जोन में दुकानों के आवंटन पर मंथन
    देश

    गंगानगर-पल्लवपुरम के वेंडिंग जोन में दुकानों के आवंटन पर मंथन

    adminBy adminJuly 18, 2026No Comments4 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    मेरठ 18 जुलाई (प्र)। शास्त्रीनगर सेक्टर-2 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मचे हड़कंप के बीच अब प्रभावितों के पुनर्वास पर भी मंथन हो रहा है। कमिश्नरी सभागार में हुई उच्च स्तरीय बैठक में गंगानगर और पल्लवपुरम में विकसित होने वाले वेंडिंग जोन में दुकान देने का प्रस्ताव प्रमुखता से सामने आया है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि कोर्ट के आदेश का अनुपालन अनिवार्य है लेकिन प्रभावित व्यापारियों और निवासियों को राहत देने के लिए ठोस समाधान तलाशे जा रहे हैं।
    बैठक में अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि यदि आवासीय क्षेत्र से दुकानें हटाई जाती हैं तो व्यापारियों रोजगार को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें अन्यत्र शिफ्ट किया जाए इसके तहत गंगानगर और पल्लवपुरम के प्रस्तावित वेंडिंग जोन को दुकानदारों के लिए मुख्य केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। इन क्षेत्रों के अलावा रंगोली मंडप के पास कम्युनिटी हॉल, सूरजकुंड स्थित अस्पताल के निकट, नगर निगम की नई सड़क स्थित बिल्डिंग और महापौर कैंप कार्यालय के आसपास दुकानों का निर्माण कर प्रभावितों को आवंटित करने का सुझाव दिया गया है।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शास्त्रीनगर में लोगों में भारी बेचैनी है। सेक्टर-2 में धरना दे रहीं महिलाओं का प्रतिनिधिमंडल एक ओर मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी से कमिश्नरी सभागार में मिला तो दूसरी ओर धरना जारी रहा। महिलाओं ने आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने अदालत में उनकी पीड़ा नहीं बताई। सही तरीके से उनका पक्ष नहीं रखा गया।

    तो खत्म हो जाएगा आधा मकान
    अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन को लेकर प्रशासन सख्त है। बैठक में स्पष्ट किया गया कि ईडब्ल्यूएस मकानों में सेटबैक (नियम के अनुसार खाली जगह) छोड़ना अनिवार्य होगा, जिस पर कोई समझौता नहीं होगा आवासीय परिसरों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह बंद होंगी पूर्व पार्षद संजीव पुंडीर ने इस दौरान प्रभावितों की दुश्वारियां रखीं। उन्होंने बताया कि 50-60 परिवार हैं जो ईडब्लूएस मकानों में रह रहे हैं। हरि पुजानी व शीतल पुजानी के 38.88 वर्ग मी. के मकान में तीन परिवार हैं, जिनमें 13 लोग रह रहे हैं। ऐसे ही अन्य कई परिवार । अगर सेटबैक छोड़ने के नाम पर तोड़ा गया तो आधा मकान खत्म हो जाएगा तब कहां रहेंगे।

    नहीं खरीद सकते नए सिरे से दुकान
    प्रभावित महिलाओं और प्रतिनिधियों ने बैठक में अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि में उनकी बनी बनाई गृहस्थी, दुकानें उजाड़ी जा रही हैं। नए सिरे से दुकान नहीं खरीद सकते। इस पर जमीन की कीमत छोड़कर निर्माण लागत पर ही दुकान देने का सुझाव दिया गया। इस पर भी महिलाएं राजी नहीं हुई तो आसान किश्तों पर अदायगी को कहा गया। प्रशासन अब इन सभी सुझावों और प्रभावितों की आपत्तियों को संकलित र एक रिपोर्ट तैयार कर रहा है, जिसे आगामी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। सरकार की प्राथमिकता कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए मानवीय आधार पर एक सर्वमान्य समाधान निकालने की है।

    meerut news meerut report Shastrinagar setback issue tazza khabar uttar-pradesh news
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    चीन पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने लगाया 22 करोड़ वोटरों का डेटा चुराने का आरोप

    July 18, 2026

    जैसलमेर बार्डर पर अवैध मस्जिद, मदरसों पर चला बुलडोजर

    July 18, 2026

    सुप्रीम कोर्ट ने लगाई निजी अस्पतालों को फटकार

    July 18, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.