मेरठ 18 जून (प्र)। देशभर में चलने वाली टूरिस्ट बसों और पर्यटक वाहनों के संचालन पर अब पहले से ज्यादा निगरानी रहेगी। केंद्र सरकार ने ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए साफ कर दिया है कि कोई भी टूरिस्ट वाहन अपने गृह राज्य से बाहर 60 दिन से अधिक नहीं रह सकेगा। इसके साथ ही बकाया टोल, लॉबित चालान और वाहन की लोकेशन पर भी नजर रखी जाएगी।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, नए नियम गत 1 अप्रैल से लागू हो चुके हैं। सरकार का उद्देश्य टूरिस्ट परमिट का दुरुपयोग रोकना और यात्री सुरक्षा को मजबूत बनाना है। नए नियमों के जरिए अब ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट लेने से पहले यह जांच होगी कि वाहन पर कोई टोल शुल्क बकाया तो नहीं है। साथ ही वाहन के सभी दस्तावेज, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र और टैक्स अपडेट होना जरूरी होगा। यदि 45 दिन से अधिक पुराने चालान लॉबित पाए गए तो परमिट पर भी असर पड़ सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि टूरिस्ट वाहन में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) और इमरजेंसी बटन अनिवार्य रहेगा। ऑपरेटर को यात्रा शुरू होने से पहले वाहन का प्रस्तावित रूट, गंतव्य और जिन राज्यों से होकर वाहन गुजरेगा, उसकी जानकारी इलेक्ट्रॉनिक या भौतिक रूप में साथ रखनी होगी।
जवाबदेह होंगे टूरिस्ट वाहन संचालक
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि टूरिस्ट वाहन स्टेज कैरिज यानी सामान्य सवारी वाहन की तरह संचालित नहीं किए जा सकेंगे और केवल पर्यटकों की सूची में शामिल यात्रियों को ही लें जा सकेंगे। परिवहन विभाग का मानना है कि नए नियमों से फर्जी संचालन पर रोक लगेगी, यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी और राज्यों के बीच चलने वाले टूरिस्ट वाहनों की जवाबदेही भी तय होगी। यह बदलाव पर्यटन उद्योग में पारदर्शिता और अनुशासन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नियम तोड़े तो परमिट होगा रद्द: आरटीओ
संभागीय परिवहन अधिकारी अनीता सिंह ने कहा कि ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के नए नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी वाहन पर टोल शुल्क बकाया पाया गया, चालान लंबित रहे, दस्तावेज अधूरे मिले या निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया गया तो परमिट संबंधी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने बताया कि टूरिस्ट वाहनों की नियमित जांच की जाएगी और रूट, यात्री सूची और सुरक्षा उपकरणों की भी पड़ताल होगी। उन्होंने बताया कि नियमों के विपरीत संचालन करने वाले वाहनों पर जुर्माना, परमिट निलंबन या अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने संचालकों से सभी दस्तावेज अपडेट रखने और नियमों का पूरी तरह पालन करने की अपील की है।

