मुजफ्फरनगर, 29 अप्रैल (ता)। जनपद में चर्चित शेखर हत्याकांड मामले में गत दिवस फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए एक महिला और उसके तीन बेटों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने आरोपी महिला मुकेश और उनके पुत्र प्रदीप, संदीप व सोनू को “दुर्लभ से दुर्लभतम” श्रेणी का अपराध मानते हुए फांसी देकर मृत्यु तक दंडित करने का आदेश दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए चारों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी करार देते हुए प्रत्येक पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। न्यायालय ने निर्देश दिया कि जुर्माने की संपूर्ण राशि मृतक की मां एवं शिकायतकर्ता राजबाला को दी जाए. सरकारी अधिवक्ता राजीव शर्मा ने कहा कि यह घटना 17 सितंबर 2019 की है। भोरा कलां थाना क्षेत्र के गांव खेड़ी सुदीयान में शेखर अपने 70 हजार रुपये उधार वापस लेने के लिए आरोपियों के घर गया था। इसी दौरान कहासुनी के बाद मुकेश और उनके तीनों बेटों ने शेखर पर ईंटों और डंडों से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के चलते शेखर की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद मृतक की मां राजबाला की तहरीर पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया, जिसके आधार पर अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए कड़ी सजा सुनाई। इस फैसले के बाद क्षेत्र में न्यायिक कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहीं, पीड़ित परिवार ने अदालत के निर्णय पर संतोष व्यक्त किया है।
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