मुजफ्फरनगर 22 अप्रैल। स्टेट जीएसटी विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) ने संधावली बाईपास स्थित रालोद नेता एवं पूर्व विधायक नूरसलीम राना की अमन रोलिंग मिल पर छापा मारा। टीम के अधिकारियों ने करीब 12 बजे फैक्टरी में प्रवेश किया। संचालक मंडल से किसी जिम्मेदार व्यक्ति के मौजूद नहीं रहने के कारण पांच बजे के बाद ही जांच का काम शुरू हुआ।
मंगलवार को स्टेट जीएसटी एसआईबी विंग के डिप्टी कमिश्नर मनोज कुमार शुक्ला के नेतृत्व में गठित की गई टीम ने जांच शुरू की। जांच की कार्रवाई के दौरान मिल का मुख्य द्वार बंद करा दिया गया। भीतर काम कर रहे कर्मचारियों की आवाजाही भी सीमित कर दी गई। थाना मंसूरपुर पुलिस ने सुरक्षा का जिम्मा संभाला गार्ड रूम में मौजूद पुलिस कर्मियों ने जीएसटी अधिकारियों की इजाजत के बिना किसी को भी अंदर या बाहर जाने नहीं दिया।
बताया जा रहा है कि टैक्स अनियमितताओं की आशंका में गुप्त इनपुट के आधार पर जांच शुरू की गई। जांच के केंद्र में स्टॉक रजिस्टर, वास्तविक स्टॉक खरीद-बिक्री के दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन माना जा रहा है। अधिकारियों ने कंप्यूटर रिकॉर्ड खंगालने के साथ ही बिलों की पड़ताल भी शुरू की।
बिल और बैंक टांजेक्शन भी टीम की जांच के दायरे में है। जीएसटी एसआईबी के डिप्टी कमिश्नर मनोज कुमार शुक्ला ने बताया कि जांच देर से शुरू हो पाई। जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष तक पहुंचा जा सकेगा। उधर पूर्व विधायक नूर सलीम राना का कहना है कि सामान्य जांच चल रही है। टीम को कंप्यूटर डेटा, खरीद-बिक्री के सहयोग किया जा रहा है।
चरथावल से विधायक चुने गए थे नूरसलीम राना
वर्तमान में रालोद नेता नूरसलीम राना वर्ष 2012 में बसपा के टिकट पर चरथावल सीट से विधायक चुने गए थे। इसके बाद दल-बदल कर वह रालोद में शामिल हो गए। वर्ष 2022 में उन्हें टिकट नहीं मिला। भाजपा के साथ रालोद का गठबंधन हो जाने के बाद से चरथावल से उनकी टिकट की दावेदारी पर भी संकट है।

