नई दिल्ली, 24 अप्रैल (ता)। पुरुषोत्तम मास या मलमास कहलाने वाले अधिक मास को भगवान विष्णु की आराधना के लिए उत्तम माना गया है। इस माह में सभी प्रकार के मांगलिक कार्य वर्जित माने गए हैं। ऐसे में कुछ खास उपाय द्वारा आप भगवान विष्णु के कृपा पात्र बन सकते हैं। आइए जानते हैं कि इस दौरान आपको किन कामों को करने व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
अधिक मास को धर्म-कर्म के लिए सर्वाेत्तम समय माना गया है। इस दौरान आप श्रीमद्भगवद्गीता, विष्णु सहस्त्रनाम और राम कथा का पाठ कर सकते हैं, जो बेहद फलदायी होता है। साथ ही इस पवित्र महीने में भगवान श्री कृष्ण और भगवान नरसिंह की कथाओं का पाठ करना या सुनना भी बेहत लाभकारी माना गया है। अधिक मास में आप रोज सुबह और शाम भगवान विष्णु के मंत्र श्ॐ नमो भगवते वासुदेवायश् का 108 बार (एक माला) जप कर सकते हैं।
अधिक मास में भगवान विष्णु की पूजा में उन्हें तुलसी दल जरूर अर्पित करें, क्योंकि इसके बिना उनकी पूजा अधूरी मानी जाती है। सनातन धर्म में तुलसी में माता लक्ष्मी का वास माना गया है। ऐसे में अधिक मास में रोजाना सुबह स्नान के बाद तांबे के पात्र (लोटे) से तुलसी में जल अर्पित करें।
जल चढ़ाने के बाद तुलसी माता की परिक्रमा करें और धन प्राप्ति के लिए इस सिद्ध मंत्र का जप करें – ष्ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नमःष्।
मलमास में अपने सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को दान दें और सामाजिक व धार्मिक कार्यों में भाग लें। किसी मंदिर, पवित्र नदी या पीपल के पेड़ के नीचे दीपदान (दीपक जलाना) करें। पूरे माह में कम-से-कम एक बार किसी भी मंदिर में ध्वजा (झंडा) का दान जरूर करें। साथ ही इस माह में पौधे लगाने और असहाय लोगों की सेवा करने से भी व्यक्ति को पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।
Trending
- शादी में दूल्हा-दुल्हन का मैच, हारने वाले को घर का काम
- आशुतोष राणा बने आरएचएल के ब्रांड एंबेसडर
- फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर करा ली नीट में आरक्षित सीट
- रोहिणी कोर्ट में जज और वकील में नोकझोंक, विवाद के बाद न्यायिक कार्यों से हटाए गए जिला न्यायाधीश
- सरकार युवाओं को रोजगार या हर माह दस हजार दे : आप
- वकीलों के 100 अवैध चैंबर ध्वस्त, पथराव पर लाठीचार्ज, अवैध कब्जे पर चलाया बुलडोजर
- मोहनपुरी में बिजली संकट पर भड़के लक्ष्मीकांत, लगाई क्लास
- नीट पेपर लीक रू राहुल ने कहा बर्खास्त करो शिक्षा मंत्री को

