सहारनपुर 20 मार्च। सहारनपुर में पांवधोई नदी में दूषित पानी से सैकड़ों मछलियां मरने के बाद मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने घटना की जानकारी क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम को दी।
सूचना मिलते ही अधिकारियों में खलबली मच गई। टीम मौके पर पहुंची और नदी के दूषित पानी के सेंपल लेकर जांच के लिए भेजा। प्राथमिक जांच में सामने आ रहा है कि पानी में किसी तरह का जहरीला पदार्थ मिलाया गया है। इसके कारण मछलियों की मौत हुई है। हालांकि, दो दिन बाद पानी की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कारण स्पष्ट हो पाएग।
चंद घंटे में सैकडों मछलियां मर गईं
बाबा लालदास बाड़े के पास पांवधोई नदी में चंद घंटे में सैकडों मछलियां मर गई। आसपास के लोगों ने नदी में सैकडों मछलियां मरी हुई देखी तो खलबली मच गई। मौके पर लोग एकत्रित हो गए। मामले की जानकारी क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को दी गई। शाम को विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर पानी के अलग-अलग सेंपल लिए। इसके अलावा आसपास के क्षेत्र में फैक्ट्री के बारे में भी जानकारी जुटाई।
आसपास के लोगों ने बताया कि नदी के आसपास गोदामों में पुराने कट्टे और बोरी की धुलाई होती है। नदी में भी सीमेंट और विभिन्न केमिकल युक्त उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले कट्टे और बाेरियों की भी लोग नदी में धुलाई करते है।
ऐसे में अंदेशा है कि पानी में जहरीला केमिकल मिल गया। जिसके कारण मछलियों की मौत हाे गई। हालांकि अभी तक अधिकारियों ने इस बात से इंकार किया है। दो दिन बाद पानी के सेंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कारण स्पष्ट हो सकेगा।
छह किलोमीटर पांवधोई में बह रहा दूषित पानी
सकलापुरी से शुरू होकर देहरादून रोड एसएएम कालेज के पास ढमौला में मिल जाती है। ढमौला नदी आगे जाकर हिंडन में मिल जाती है। सकलापुरी से एसएएम कालेज तक करीब छह किलाेमीटर से अधिक लंबी पांवधोई में 25 से अधिक छोटे-बड़े नालों का पानी आता है। आटो मोबाइल सर्विस सेंटर, पुराने कट्टे बोरी की धुलाई के गाेदाम के अलावा सीवरेज आदि का गंदा पानी भी पांवधोई में आता है।

