नई दिल्ली 13 मार्च। मेटा के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप ने 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए अभिभावक नियंत्रित खाते शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत अभिभावकों की कड़ी निगरानी में छोटे बच्चों को इस मंच का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाएगी।
यह कदम संदेश मंच की नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि अब तक इस मंच के उपयोग के लिए न्यूनतम आयु सीमा 13 वर्ष (कुछ क्षेत्रों में इससे अधिक) रखी गई थी। व्हाट्सऐप ने अपने ब्लॉग में कहा कि परिवारों व विशेषज्ञों से मिले सुझावों के आधार पर अभिभावक-नियंत्रित खातों की नई व्यवस्था शुरू की जा रही है। इसके तहत माता-पिता या अभिभावक छोटे बच्चों के लिए व्हाट्सऐप खाता बना सकेंगे और उनके उपयोग को केवल संदेश भेजने और कॉल करने तक सीमित कर सकेंगे। इस फीचर को धीरे-धीरे (चरणों में) जारी कर रहा है। आने वाले कुछ हफ्तों में यह दुनिया भर के सभी उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध हो जाएगा।
कंपनी ने बताया कि कई बच्चे पहले से ही चोरी-छिपे ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे, इसलिए विशेषज्ञों की सलाह पर यह ‘मैनेज्ड मॉडल’ लाया गया है ताकि बच्चे सुरक्षित तरीके से चैटिंग कर सकें। उनके संदेश ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन’ से सुरक्षित रहेंगे । अभिभावक उन्हें अपनी डिवाइस से नहीं पढ़ पाएंगे। प्राइवेसी सेटिंग्स को लॉक करने के लिए कंपनी ने ‘पेरेंट पिन’ का फीचर दिया है।
मेटा ने बताया है कि पैरेंट-मैनेज्ड अकाउंट्स में कई खास फीचर्स नहीं दिए गए हैं. इन अकाउंट्स में स्टेटस अपडेट्स, चैनल्स या मेटा एआई फीचर्स का सपोर्ट नहीं है. इसके अलावा वन-टू-वन चैट्स में गायब होने वाले मैसेज भी डिसेबल कर दिए गए हैं. अनजान कॉन्टैक्ट्स के मैसेज एक अलग मैसेज रिक्वेस्ट फोल्डर में चले जाते हैं, जिसे सिर्फ पैरेंट पिन से ही एक्सेस किया जा सकता है. जब भी बच्चा किसी कॉन्टैक्ट को ऐड, ब्लॉक या रिपोर्ट करता है, तो पैरेंट्स को इसकी जानकारी मिलती है, जिससे वे अपने बच्चे की एक्टिविटी पर नजर रख सकते हैं.
इन पाबंदियों के बावजूद मेटा का कहना है कि इन अकाउंट्स में भी वही एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन प्रोटेक्शन मिलेगा, जो प्लेटफॉर्म पर बाकी जगह मिलता है, ताकि बातचीत पूरी तरह प्राइवेट रहे. WhatsApp का कहना है कि जो माता-पिता अपने बच्चे को मैसेजिंग ऐप से परिचित कराना चाहते हैं, वे रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान पैरेंट-मैनेज्ड अकाउंट बना सकते हैं. साइन-अप के समय उन्हें प्री-टीन की जन्मतिथि दर्ज करके पैरेंट-मैनेज्ड अकाउंट सेटअप करने का विकल्प मिलेगा. सेटअप प्रक्रिया में माता-पिता और बच्चे दोनों के फोन की जरूरत होगी, ताकि दोनों अकाउंट आपस में लिंक किए जा सकें.

