अमरोहा, 28 फरवरी (जा)। लखनऊ एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए रजबपुर निवासी अल्तमश फरीदी के बैंक खातों में तुर्किए से की गई जा रही फंडिंग का पैसा आ रहा था। दिल्ली निवासी उसके जीजा फरहान नबी की गिरफ्तारी के बाद से ही वह भी फरार हो गया था। गांव में बाइपास पर संचालित किया जा रहा मदरसा भी फरहान की गिरफ्तारी के बाद से बंद हो गया था। अब शुक्रवार शाम जब गांव के लोगों को अल्तमश की गिरफ्तारी की जानकारी मिली तो ग्रामीण अवाक रह गए। वह इस संबंध में किसी प्रकार की बात करने से बचते रहे।
गांव रजबपुर निवासी असकर फरीदी की कई साल पहले मौत हो चुकी है। उनके परिवार में पत्नी, तीन बेटे जियाउल, नजमुल व अल्तमश के अलावा तीन बेटी हैं। जियाउल व नजमुल खेतीबाड़ी करते हैं तथा अल्तमश अमरोहा के एक कालेज से एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है। बड़ी बेटी की शादी दिल्ली के निजामुद्दीन निवासी फरहान नबी के साथ हुई है तो दूसरी बेटी की शादी गांव रजबपुर में हुई है।
दरअसल अल्तमश का जीजा फहरान नबी तुर्की की कंपनी मैसर्स. इंस्ताबुल इंटरनेशनल प्रा. लि. के लिए काम करता था। जिसके माध्यम से वह तुर्किए से फंडिंग करता था। उसके इस काम में अल्तमश भी मदद करता था। अल्तमश के खाते में भी कई करोड़ रूपये भेजे गए थे। आरोप है कि इस पैसे से अल्तमश ने गांव में बाइपास के निकट मदरसा की स्थापना की थी। जोकि नवंबर 2025 से ही बंद है। आरोप है कि तुर्किए से की गई फंडिंग से वह अपने जीजा के साथ मिलकर देश विरोधी गतिविधियों का संचालन करता था।
नवंबर 2025 में फरहान को गिरफ्तार किया था। उसके पास से इस्लामिक साहित्य भी मिला था। बांग्लादेश से भी तार जुड़े होने की जानकारी मिली थी। जीजा की गिरफ्तारी के बाद से ही अल्तमश भी घर से फरार हो गया था। गत दिवस अल्तमश लखनऊ एटीएस के हत्थे चढ़ गया। सूत्रों के अनुसार उसे जोया टोल के पास से गिरफ्तार किया था। गत देर शाम जब गांव के लोगों को इसकी जानकारी मिली तो वह अवाक रह गए। हालांकि इस संबंध में स्थानीय पुलिस ने किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इनकार किया है।
अल्तमश की गिरफ्तारी के लिए एटीएम जिले में एक सप्ताह से डेरा डाले हुए थी। उसके स्वजन की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। गत दिवस एटीएस उसके घर भी गई थी। स्वजन से उसके बारे में पूछा था। सूत्रों के अनुसार गत दिवस सटीक जानकारी मिलने पर उसे जोया टोल से गिरफ्तार कर लिया गया है। बता दें कि अल्तशम के पिता के पास लगभग 50 बीघा खेती की जमीन है। गांव में उसका रहन-सहन सामान्य था। परंतु स्थानीय लोगों से कम ही बात करता था।
नवंबर 2025 में अल्तमश के जीजा फहरान नबी की गिरफ्तारी के बाद अल्तमश का नाम उछला था। जिला प्रशासन को जानकारी मिली थी कि रजबपुर में फरहान ने अपने साले के साथ मिलकर मदरसा के लिए जमीन खरीदी है। मामला संज्ञान में आने के बाद एसडीएम ने इसकी जांच की थी। स्थानीय खुफिया एजेंसी भी जांच कर रही थीं। नवंबर में उक्त मदरसा में एक महिला शिक्षक कुछ बच्चों को पढ़ाने का काम करती थी। परंतु बाद में उसे बंद कर दिया गया था।
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