लखनऊ 13 जुलाई। एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की सहायक बोरिंग टेक्नीशियन भर्ती परीक्षा में नकल कराने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है. इस मामले में एसटीएफ ने वाराणसी और प्रयागराज के 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी, गैंग के सदस्य और उनके सहयोगी शामिल हैं. आरोपियों के पास से 11 मोबाइल फोन, 4 इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, 2 प्रिंटर, 2 प्रवेश पत्र, 2 प्रश्नपत्र और 2 ओएमआर शीट बरामद की गई हैं.
एसटीएफ के मुताबिक 12 जुलाई को लखनऊ, गाजियाबाद और वाराणसी में सहायक बोरिंग टेक्नीशियन की परीक्षा आयोजित हुई थी. परीक्षा के दौरान एसटीएफ को सूचना मिली कि प्रयागराज का एक गिरोह मोटी रकम लेकर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए अभ्यर्थियों को परीक्षा में नकल करा रहा है. जांच में पता चला कि गिरोह के सरगना शिवजीत पटेल और उसका भाई कप्तान सिंह पटेल अपने साथियों के साथ मिलकर लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने का काम कर रहा है.
आरोपी सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये वसूलते है. परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों के कपड़ों और कान में बेहद छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण छिपाकर लगाए जाते थे. परीक्षा शुरू होने के बाद प्रश्नपत्र बाहर पहुंचाया जाता था, जहां पहले से मौजूद सॉल्वर सवाल हल करते थे. इसके बाद मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए अभ्यर्थियों को सही उत्तर बताए जाते थे.
एसटीएफ की पूछताछ में सामने आया कि एक अभ्यर्थी ने नकल कराने के लिए 3.75 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए थे और 1.25 लाख रुपये नकद दिए थे. एक अन्य अभ्यर्थी ने 5 लाख रुपये नकद और 25 हजार रुपये इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के नाम पर दिए थे. सॉल्वरों को इस काम के लिए 20-20 हजार रुपये दिए जाते थे. एसटीएफ ने वाराणसी के दो परीक्षा केंद्रों और प्रयागराज में एक ठिकाने पर एक साथ छापेमारी कर 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. हालांकि गिरोह के सरगना शिवजीत पटेल और उसका एक अन्य साथी राजेंद्र यादव उर्फ धीरेंद्र यादव मौके से फरार हो गए. फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है.

