बिजनौर 31 जुलाई। बिजनौर के चर्चित प्रबल हत्याकांड में 14 साल बाद फैसला आया है। शुक्रवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने कारोबारी बाप-बेटे समेत 7 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही, सभी पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। दो दिन पहले कोर्ट ने सातों को दोषी ठहराया था।
साल 2012 में कारोबारी ने बेटी से बात करने पर 18 साल के प्रबल अग्रवाल की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसका शव गंगा में फेंक दिया था। इस हत्याकांड के सदमे में प्रबल के माता-पिता की भी मौत हो गई थी।
बहन प्राची ने 14 साल तक कानूनी लड़ाई लड़कर भाई को इंसाफ दिलाया। कोर्ट ने जुर्माने की 90 प्रतिशत राशि प्राची को देने का आदेश दिया है। फैसला सुनते ही प्राची रोने लगीं। उन्होंने कहा, “मुझे बहुत लंबे समय बाद न्याय मिला। दोषियों को फांसी होती तो ज्यादा अच्छा होता।
19 दिसंबर, 2012 को बिजनौर शहर कोतवाली क्षेत्र के शहनाई बैंक्वेट हॉल में रात 8 बजे महाराजा अग्रसेन जयंती का कार्यक्रम चल रहा था। इसी कार्यक्रम में मोहल्ला जाटान का रहने वाला प्रबल अग्रवाल (18) भी गया था। वह कार्यक्रम में रामलीला कमेटी के तत्कालीन अध्यक्ष संजय अग्रवाल की बेटी से बातचीत कर रहे थे।
इसी दौरान शराब के नशे में संजय अग्रवाल ने प्रबल के बेटी से बात करने पर ऐतराज जताया। इसी बात पर दोनों में कहासुनी हुई। इसके बाद संजय और विनय अग्रवाल समेत अन्य लोगों ने प्रबल अग्रवाल के साथ मारपीट शुरू कर दी।
उसे पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। इसके बाद उसे कार में डालकर एक प्राइवेट डॉक्टर के पास ले गए, जहां डॉक्टर ने प्रबल को मृत घोषित कर दिया। मौत के बाद सभी आरोपियों ने फंसने के डर से प्रबल की लाश 10 किमी दूर गंगा नदी में फेंक दी।
इधर, पूरे मामले से अनजान प्रबल के पिता आलोक अग्रवाल ने कोतवाली में बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई। बरामदगी न होने पर थाने से लेकर कलेक्ट्रेट तक प्रदर्शन भी किया। शुरुआत में पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर छानबीन शुरू की। पूछताछ के दौरान प्रबल के साथ मारपीट की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने एक-एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, लेकिन किसी ने हत्या की बात नहीं कबूली। लिहाजा पुलिस प्रबल की तलाश करती रही।
27 दिन बाद, 15 जनवरी को पुलिस ने प्रबल अग्रवाल का शव गंगा किनारे बरामद किया। आलोक अग्रवाल ने शव की पहचान अपने बेटे प्रबल के रूप में की। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पिटाई से मौत होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने सातों आरोपियों के खिलाफ अपहरण, हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।

