मेरठ 25 जून (प्र)। छात्रों की सुरक्षा को ताक पर रखकर चलाए जा रहे कोचिंग सेंटरों के खिलाफ बुधवार को पुलिस, दमकल, प्रशासन और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीमों ने पीएल शर्मा रोड पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान मानकों की अनदेखी करने वाले 10 कोचिंग सेंटरों को अवैध मानते हुए अस्थायी तौर पर बंद करा दिया गया है।
दो दिवसीय निरीक्षण में खामियां पाए जाने पर दमकल विभाग ने कुल 22 कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी किए हैं। इन सेंटरों के पास न तो कोई वैध रजिस्ट्रेशन था और न ही आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम थे सीएफओ ने बताया कि एसएसपी अविनाश पांडेय के निर्देशों पर बुधवार को पीएल शर्मा रोड स्थित 12 कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया गया। एनओसी, रजिस्ट्रेशन, आपातकालीन निकास द्वार की जांच की। इनमें से 10 कोचिंग सेंटर नियमों का खुला उल्लंघन करते पाए गए, जिसके चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया। एसपी यातायात राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि जब तक ये सेंटर निर्धारित मानक पूरे नहीं कर लेते, उन्हें संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
15 दिन के भीतर पूरे करने होंगे मानक
मंगलवार को टीम ने कुल 14 कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया था इनमें से केवल दो में ही मानक पूरे मिले थे जबकि अन्य कोचिंग सेंटर नियमों को दरकिनार कर संचालित होते पाए गए। मंगलवार को 10 और बुधवार को 12 कोचिंग सेंटरों में भारी खामियां मिलने के बाद दमकल विभाग ने इन सभी 22 कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी कर दिया है। संचालकों को 15 दिन के भीतर सभी आवश्यक मानक पूरे करने का सख्त निर्देश दिया गया है। तय समय सीमा में सुधार न होने पर इन केंद्रों में किसी भी प्रकार का शिक्षण कार्य नहीं होने दिया जाएगा।
क्षेत्रिय उच्च शिक्षा अधिकारी करमिंदर का कहना है कि रजिस्ट्रेशन न कराने और मानक पूरे न होने पर दस कोचिंग सेंटरों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। निरीक्षण अभियान जारी है। आगे भी जिन कोचिंग सेंटरों पर खामियां मिलेंगी, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
55 ने कराया नवीनीकरण केवल, जिले में 1500 कोचिंग सेंटर
जिले भर में करीब 1500 कोचिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें से सिर्फ 155 सेंटरों ने ही अपना रजिस्ट्रेशन कराया था। चिंताजनक बात यह है कि इस वर्ष केवल 55 कोचिंग सेंटरों ने ही अपना नवीनीकरण (रिन्यूअल) कराया है। इस पूरी कार्रवाई और निरीक्षण अभियान के दौरान पुलिस अधीक्षक (यातायात) राजेश श्रीवास्तव, क्षेत्राधिकारी (सिविल लाइन) शुचिता सिंह, एफएसओ, प्रशासनिक अधिकारी और क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

