नई दिल्ली/न्यूयॉर्क, 25 जून (ता)। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एरिया फॉर्मूला बैठक में पाकिस्तान की क्लास लगाई है। संयुक्त राष्ट्र में भारत ने जम्मू और कश्मीर पर पाकिस्तान की टिप्पणियों को पूरी तरह खारिज कर दिया। भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और यह भारत का आंतरिक मामला है। पर्वतनेनी ने पाकिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र के मंच का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया और कहा कि इसने भारत के जम्मू-कश्मीर इलाके पर गैर-जरूरी टिप्पणियां कीं। भारतीय राजदूत ने एरिया फॉर्मूला बैठक में यूएनएससी के प्रस्ताव और अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा बनाए रखने को लेकर बयान के दौरान यह बात कही।
इस दौरान उन्होंने कहा कि यह हैरानी की बात है कि सह अध्यक्ष होने के बावजूद पाकिस्तान ने एरिया फॉर्मूला बैठक का राजनीतिक करण किया और भारत के जम्मू-कश्मीर इलाके पर गैर जरूरी टिप्पणियां कीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का मामला पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है। यह हमेशा से ऐसा ही रहा है, अभी भी है और आगे भी ऐसा ही रहेगा।
पी हरीश ने संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के चौप्टर-5 और चौप्टर-7 के लागू होने के अलग-अलग तरीकों पर जोर दिया। चौप्टर-7 शांति के लिए किसी खतरे, शांति भंग होने या आक्रामकता की कार्रवाई को रोकने और अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उपायों के बारे में है, जिसमें सैन्य कार्रवाई और शांति सैनिकों की तैनाती भी शामिल है। पी हरीश ने कहा कि चौप्टर-7 के तहत की जाने वाली कार्रवाई मौजूदा हालात और संदर्भ को ध्यान में रखकर तय की जाती है और ये हमेशा के लिए लागू नहीं रहतीं। उन्होंने कहा कि अगर इन्हें लागू नहीं किया जाता है तो इसके तुरंत गंभीर नतीजे हो सकते हैं, जिससे शांति और बिगड़ सकती है और अन्य गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। ऐसा न करना उन सिद्धांतों और उद्देश्यों के खिलाफ है, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून का ढांचा पूरा करने की कोशिश करता है।
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