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    Home»देश»फर्जी नंबर प्लेट का महाखेल, जांच बैठी
    देश

    फर्जी नंबर प्लेट का महाखेल, जांच बैठी

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comJune 23, 2026No Comments29 Views
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    मेरठ 23 जून (प्र)। मेरठ और हरियाणा में पंजीकृत ट्रकों पर डुप्लीकेट नंबर प्लेट लगाकर महाखेल चल रहा है। इस महाखेल में परिवहन विभाग के अफसर भी शामिल हो सकते है. ऐसी संभावनाएं व्यक्त की जा रही है। ये तो जांच का विषय है कि जो ट्रक आरटीओ मेरठ में पंजीकृत है, उनकी नंबर प्लेट का प्रयोग छत्तीसगढ़ में कौन प्रयोग कर रहा है। फिर सवाल ये है कि छत्तीसगढ़ में यहां की गाड़ियों के नंबर कैसे पहुंचे? इसमें बडा रैकेट काम कर रहा है। इसको लेकर यूपी और छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने जांच पड़ताल भी आरंभ कर दी है। स्थानीय अधिकारी जिम्मेदारी से बच रहे हैं।

    दरअसल, इस पूरे महाखेल का खुलासा तब हुआ जब एक ट्रक सहारनपुर के रायपुर से रोड़ी- डस्ट लादकर ला रहा था। प्रशासन ने इस गाड़ी को चेक किया तो इसी नंबर की गाड़ी छत्तीसगढ़ से खनन कर रायलटी जमा कर चुकी थी। इसी वजह से सहारनपुर में जो गाड़ी खड़ी थी, उसको प्रशासन ने पास जारी नहीं किया। कहा गया कि इस नंबर की गाड़ी छत्तीसगढ़ में माल भर चुकी है, इसी वजह से इसको चौबीस घंटे तक पास जारी नहीं किया जा सकता। इसके बाद ट्रासपोर्टरों में खलबली मच गई कि जब उनकी गाड़ी छत्तीसगढ़ नहीं गयी तो फिर ये गाड़ी किसकी है, जो हमारे ट्रक का नंबर प्रयोग करके संचालित हो रही है। देखते ही देखते मामला लखनऊ तक पहुंच गया। अब ट्रांसपोर्टरों ने इसमें आरटीओ और शासन को लिखकर इसकी जांच कराने की मांग की है। क्योंकि इसमें एक दो गाड़ी नहीं, बल्कि एक दर्जन ऐसी गाड़ियां है, जिनका पंजीकरण मेरठ और हरियाणा में है और संचालित छत्तीसगढ़ में हो रही है।

    जानकारी के अनुसार मेरठ के मालिकों के नाम पर पंजीकृत कई वाहनों के नंबरों का इस्तेमाल छत्तीसगढ़ में फर्जी नंबर प्लेट लगाकर किया जा रहा था। आरोप है कि स्थानीय नंबर प्लेट लगाकर इन वाहनों का संचालन किया रहा था, जिससे मूल वाहन स्वामियों को कानूनी और आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। जिन वाहन नंबरों के दुरुपयोग की जानकारी सामने आई है, उनमें एचआर 38एएफ 6428 यूपी-15एफटी 5916, यूपी-15ईटी 4686 और यूपी-15 डीटी5845 शामिल हैं।

    बताया जा रहा है कि ये वाहन मेरठ के स्वामियों से संबंधित हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में इन्हीं नंबरों का इस्तेमाल कर अन्य वाहन संचालित किए जा रहे थे। फर्जी नंबर प्लेट के जरिए वाहन चलाने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, जिनमें टैक्स चोरी, अवैध परिवहन और आपराधिक गतिविधियों की आशंका जताई जाती रही है। ऐसे मामलों में पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा जांच कर वाहन जब्त करने तथा संबंधित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिये। प्रकरण की जांच बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन नंबरों का इस्तेमाल किन वाहनों पर किया जा रहा था और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं?

    ऐसे खुला राज
    ट्रांसपोर्टनगर स्थित लविश ट्रेडर्स की संचालिका प्रीति देवी ने मेरठ आरटीओ को शिकायत देकर उनकी फर्म के ट्रकों के नंबर का दुरुपयोग कर अवैध ट्रांजिट पास जारी किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रीति देवी ने बताया कि उनकी फर्म लविश ट्रेडर्स (जीएसटी संख्या – 09 सीड ब्ल्यूपीडी 9873 एन 1 जेडआर) ट्रांसपोर्टनगर के प्लॉट संख्या 280-281 से बिल्डिंग मटेरियल का व्यापार करती है उनकी गाड़ियां संख्या यूपी-15एफटी 5916 और यूपी- 15पीईटी – 4686 मेरठ आरटीओ में पंजीकृत हैं। हाल ही में रायपुर (सहारनपुर) स्थित सिंह ब्रदर्स से गिट्टी लोड कराने के बाद ट्राजिट पास बनवाने का प्रयास किया गया, लेकिन पता चला कि इन्ही वाहन नंबरों पर पहले से ही ट्राजिट पास जारी हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनकी गाड़ियों के नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर अवैध रूप से ट्रांजिट पास बनवाया जा रहा है और संभवत: फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वाहनों का संचालन भी किया जा रहा है। शिकायत के बाद उन्होंने यूपी माइनिंग कार्यालय में जानकारी की, जहां से मामला सामने आया। प्रीति ने आरटीओ से मांग की है कि उनकी गाड़ियों के नंबर का दुरुपयोग कर अवैध संचालन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। शिकायत के साथ उन्होंने दोनों वाहनों के पंजीकरण संबंधी दस्तावेज भी शिकायती पत्र के साथ संलग्न किए हैं।

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