मेटा ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप की लीडरशिप को लेकर बड़ा फैसला लिया है. कंपनी ने क्रेड के फाउंडर कुणाल शाह को व्हाट्सएप का नया ग्लोबल हेड नियुक्त किया है. वह विल कैथकार्ट की जगह लेंगे, जो 2019 से दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का नेतृत्व कर रहे थे. करीब 300 करोड से अधिक एक्टिव यूजर्स वाले व्हाट्सएप के लिए यह बदलाव बेहद अहम माना जा रहा है. कंपनी अब चैटिंग से आगे बढ़कर पेमेंट, बिजनेस मैसेजिंग और एआई आधारित सर्विस पर फोकस कर रही है. ऐसे में मेटा को उम्मीद है कि कुणाल शाह का अनुभव प्लेटफॉर्म को अगले चरण की ग्रोथ तक पहुंचाने में मदद करेगा.
मेटा के मुताबिक, कुणाल शाह को इस बात की गहरी समझ है कि लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कैसे करते हैं. यही वजह है कि कंपनी ने उन्हें व्हाट्सएप जैसे ग्लोबल प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी सौंपी है. भारत व्हाट्सएप का सबसे बड़ा बाजार माना जाता है. बिजनेस मैसेजिंग और पेमेंट सर्विस में भी भारत कंपनी के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल है. ऐसे में एक भारतीय उद्यमी का इस पद पर पहुंचना मेटा की भविष्य की रणनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है.
मार्क जुकरबर्ग और क्रिस कॉक्स ने की तारीफ
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा, “कुणाल शाह व्हाट्सएप के अगले प्रमुख के रूप में मेटा से जुड़ेंगे. कुणाल ने क्रेड को भारत की सबसे महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी कंपनियों में से एक बनाया है. उनके पास एक बिल्डर की सोच और वैश्विक नजरिया है, जो दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का नेतृत्व करने में मदद करेगा. मैं कुणाल के साथ मिलकर काम करने और व्हाट्सएप को अरबों लोगों तथा लाखों कारोबारों के लिए सबसे बेहतर सर्विस बनाने की दिशा में आगे बढ़ने को लेकर उत्साहित हूं.”
वहीं मेटा के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर क्रिस कॉक्स ने कहा कि कुणाल शाह भारत के सबसे सम्मानित उद्यमियों में से एक हैं. उन्होंने कहा कि लोगों की जिंदगी में तकनीक की भूमिका को समझने की उनकी क्षमता व्हाट्सएप के अगले दौर की ग्रोथ में अहम योगदान दे सकती है. मेटा को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में प्लेटफॉर्म यूजर्स और कारोबारों दोनों के लिए और मजबूत बनेगा.
सिर्फ चैटिंग एप नहीं रहा व्हाट्सएप
व्हाट्सएप आज दुनिया का सबसे बड़ा मैसेजिंग प्लेटफॉर्म बन चुका है. कंपनी के अनुसार इसके 300 करोड से ज्यादा एक्टिव यूजर्स हैं. अब यह प्लेटफॉर्म केवल मैसेज भेजने और कॉल करने तक सीमित नहीं है. बिजनेस मैसेजिंग, डिजिटल पेमेंट और एआई आधारित फीचर्स इसके विस्तार का अहम हिस्सा बन चुके हैं. मेटा का मानना है कि ऐसे समय में कुणाल शाह का प्रोडक्ट डेवलपमेंट और कंपनी निर्माण का एक्सपीरियंस व्हाट्सएप को नई दिशा दे सकता है. कंपनी आने वाले समय में यूजर एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाने के साथ नए बिजनेस अवसरों पर भी ध्यान दे रही है.
दुनिया में इन भारतीयों का भी जलवा
कुणाल शाह को व्हाट्सएप का ग्लोबल हेड बनाया गया है. लेकिन इससे पहले भारतीय मूल के कई सीईओ आज दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं और उनकी सालाना कमाई भी सैकड़ों करोड़ रुपये में है. माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला की अनुमानित वार्षिक कमाई करीब ₹806 करोड़ है, जबकि गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई की कमाई ₹835 करोड़ से ₹1,900 करोड़ के बीच है. वहीं साइबर सिक्योरिटी कंपनी पालो ऑल्टो नेटवर्क्स के सीईओ निकेश अरोड़ा की अनुमानित कमाई ₹1,080 करोड़ से ₹1,250 करोड़ के बीच है. यूट्यूब के प्रमुख नील मोहन की सालाना कमाई ₹500 करोड़ से ₹670 करोड़ और एडोब के सीईओ शांतनु नारायण की कमाई ₹335 करोड़ से ₹375 करोड़ के आसपास आंकी जाती है. कॉग्निजेंट के सीईओ रवि कुमार एस भी इस लिस्ट में शामिल हैं, जिनकी अनुमानित वार्षिक कमाई करीब ₹186 करोड़ है.

