मेरठ 22 जून (प्र)। मुंडाली थाना क्षेत्र के गांव मुरलीपुर फूल में कैंडल बनाने की आड़ में चल रही अवैध पटाखा फैक्ट्री में सिलेसिलेवार ब्लास्ट के साथ अचानक आग लग गई। जिससे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे और मशक्कत से आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि हादसे में कोई नुकसान न हुआ। बाद में सीओ, नायब तहसीलदार पुलिस, फोरेंसिक और दमकल विभाग की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी लेते हुए कई कुंतल बनी अधवनी आतिशबाजी के साथ दो लोगों को हिरासत में लिया। टीम ने अधबनी आतिशबाजी, बारुद को गांव के तालाब में दबाकर तैयार पटाखों को जब्त कर लिया।
मुंडाली थानाक्षेत्र के मुरलीपुर फूल में भूपेंद्र पुत्र बिजेंद्र तोमर के घेर में कैंडल के बहाने गुप्त अवैध पटाखा फैक्ट्री चल रही थी। रविवार दोपहर लगभग 11.15 बजे एक नाबालिग महिला श्रमिक के हाथों दो पटाखों की आपस में रगड़ से अचानक चिंगारी निकली और सिलसिलेवार ब्लास्ट शुरू हो गए। जिससे गांव में दहशत फैल गई, ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे तो आतिशबाजी के बने अधबने माल में भयानक आग लग रही थी और वहां काम कर रहीं 8-10 नाबालिग लड़कियां डरी- सहमी दूर खड़ी थीं। गनीमत ये थी कि कोई हताहत नहीं था।
ग्रामीण पुलिस और दमकल विभाग को फोनकर आग बुझाने में लग गए। करीब 30 मिनट कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। लगभग 12.30 बजे सीओ प्रमोद कुमार, मुंडाली पुलिस, फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उनके बाद नायब तहसीलदार विनीता सिंह चौहान, दमकल टीम के साथ पहुंची। अधिकारियों ने घटना की जानकारी लेते हुए मौके पर पड़े बने, अधबने और भूपेंद्र के घर गोदाम में रखे लगभग चार कुंतल माल को कब्जाया। फोरेंसिक टीम अधबने माल को गांव के तालाब में दबाकर लगभग डेढ़ कुंतल तैयार पटाखों को जब्त कर साथ ले गई। पुलिस ने भूपेंद्र और उसके सहयोगी अमित पुत्र जगपाल को हिरासत में लिया है। राजा पुत्र सलीम निवासी पानीपत का नाम भी सामने आया है जो फरार बताया जा रहा है। एसओ देवेंद्र मिश्रा का कहना है कि सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
बारूद के ढेर में गरीब का निवाला
ग्रामीणों ने दबी जबान से बताया कि भूपेंद्र स्वयं अपने घेर में पटाखा फैक्ट्री चलाता है। अमित इसमें लेबर ठेकेदार है जो गांव की गरीब नाबालिग लड़कियों से औनी पौनी पगार में पटाखे तैयार कराता है। यानी इन गरीबों को रोजाना बारूद के ढेर में अपना निवाला तलाशना पड़ता है।
कुदरत ने रहम कर दिया
हादसे के बाद हर ग्रामीण की जबान पर यही बात रवां थी कि कुदरत ने बहुत रहम किया वरना गांव के बीचोंबीच जिस तरह से बारूद में आग लगी बहुत बड़ा हादसा हो सकता था।
पुलिस सब जानती है
ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस पटाखा फैक्ट्री को भले ही गोपनीय तरीके से संचालित बता रही हो मगर पुलिस को पूरे गोरखधंधे का तीन वर्ष से पता है क्योंकि तीन वर्ष पूर्व भी इसी घेर में अवैध पटाखा फैक्ट्री पकड़ी गई थी तब बाहर के लोग भूपेंद्र का घेर किराए पर लेकर पटाखों की मैन्युफैक्चरिंग करते थे।

