लखनऊ 22 जून। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनके परिवार से जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट मुश्किल में हैं। आयकर विभाग ने विभाग ने कर निर्धारण वर्ष 2020-21 से 2023-24 के लिए ट्रस्ट के पंजीकरण (धारा 12एबी) को रद्द करने के संबंध में ‘कारण बताओ नोटिस’ भेजा है। यदि आयकर विभाग उनके जवाब से संतुष्ट नहीं होता तो उनके ट्रस्ट को मिली टैक्स छूट खत्म हो जाएगी। ऐसे में ट्रस्ट को मिला दान लाभ आंका जाएगा और वसूली होगी। नोटिस की इस कार्रवाई को भाजपा विधायक आकाश सक्सेना द्वारा पांच साल पहले की गई शिकायत से जोड़कर देखा जा रहा है।
भाजपा विधायक ने 16 मार्च 2021 को केंद्रीय गृहमंत्री के माध्यम से केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) से जौहर ट्रस्ट की शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि सपा नेता ने लोगों को डरा धमकाकर अकूत संपत्ति हासिल की और उससे जौहर यूनिवर्सिटी बनाई।
जौहर यूनिवर्सिटी दान करने वाले कुछ लोग ऐसे हैं जिन्होंने 60 करोड़ रुपये तक का दान दिया, जबकि वे लोग आयकर नहीं भरते। उनका आरोप है कि तीन हजार करोड़ रुपये इस यूनिवर्सिटी में लगाए गए हैं।
भाजपा विधायक ने जौहर ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। ट्रस्ट के पदाधिकारी और सदस्य आजम खान के परिवार के लोग हैं। ऐसे में उन पर भाई-भतीजावाद का भी आरोप लगाया गया। विधायक ने इस मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की थी। इस शिकायत पर वित्त मंत्रालय के माध्यम से आयकर विभाग द्वारा जांच की जा रही है।
सितंबर 2023 को आयकर विभाग की टीमों ने रामपुर आकर जांच की थी। इसके अतिरिक्त जौहर यूनिवर्सिटी के मामले में ईडी भी आजम खान से पूछताछ भी कर चुकी है। भाजपा विधायक ने जौहर ट्रस्ट द्वारा गड़बड़ियों की शिकायत प्रवर्तन निदेशालय और शासन से की थी। शासन ने इसकी जांच के लिए एसआईटी गठित की थी।
आयकर विभाग लखनऊ की ओर से मौलाना मोहम्मद अली जाैहर ट्रस्ट को नोटिस भेजा गया
अब इस मामले में आयकर विभाग लखनऊ की ओर से मौलाना मोहम्मद अली जाैहर ट्रस्ट को नोटिस भेजा गया है। नोटिस पर सुनवाई 23 जून को सुबह 11.30 बजे निर्धारित की गई है। नोटिस में कहा गया है कि आजम खां स्वयं या किसी अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित होकर लिखित निवेदन या संबंधित मुद्दे के समर्थन में सहायक दस्तावेजों/जानकारी के साथ प्रस्तुत करें।
साथ ही कहा है कि यदि आप चाहते हैं कि यह कार्यवाही इस कार्यालय में निर्धारित तिथि तक या उससे पहले आपके द्वारा प्रस्तुत लिखित निवेदन/प्रतिनिधित्व के आधार पर संपन्न हो तो आपकी व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक नहीं है। आपके पास निर्धारित तिथि तक या उससे पहले ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से अपना लिखित निवेदन प्रस्तुत करने का विकल्प भी है।

