नई दिल्ली, 22 जून (ता)। महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि पर आयोजित होने वाले प्रार्थना कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए गत दिवस 290 तीर्थयात्रियों का एक जत्था पाकिस्तान के लिए रवाना हुआ. अमृतसर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मुख्यालय से गुरबाणी के पाठ और जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के धार्मिक नारों के बीच एसजीपीसी के पदाधिकारियों ने इस सिख जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस जत्थे का नेतृत्व एसजीपीसी के सदस्यों-खुशविंदर सिंह भाटिया, हरजिंदर कौर और उप सचिव आजाददीप सिंह ने किया। श्रद्धालुओं को गुरु बख्शीश श्सिरोपाश् भेंट किया। इस मौके पर एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नान ने कहा कि इस साल पाकिस्तान यात्रा के लिए 302 पासपोर्ट जमा किए गए थे। जिनमें से 290 तीर्थयात्रियों को वीजा मिला, जबकि 12 लोगों को वीजा नहीं मिल सका।
श्रद्धालु पाकिस्तान में स्थित गुरुद्वारों के दर्शन कर सकें, इसके लिए एसजीपीसी हर साल महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर इस तरह की तीर्थयात्राओं का इंतजाम करती है. मन्नान ने कहा कि इस साल तीर्थयात्री लाहौर के गुरुद्वारा श्री डेरा साहिब में महाराजा रणजीत सिंह जी की पुण्यतिथि पर आयोजित होने वाले प्रार्थना और स्मृति कार्यक्रमों में शामिल होंगे. इसके अलावा, वे पाकिस्तान में स्थित सिख विरासत से जुड़े कई ऐतिहासिक गुरुद्वारों और पवित्र स्थानों के दर्शन भी करेंगे।
एसजीपीसी के मुख्य सचिव ने कहा कि हर सिख तीर्थयात्री के दिल में पाकिस्तान में मौजूद गुरुद्वारों के दर्शन करने की गहरी इच्छा और श्रद्धा होती है। उन्होंने कहा कि कुछ पासपोर्टों पर वीजा न मिलने के पीछे तकनीकी कारण हो सकते हैं, लेकिन इस बार यह संतोषजनक है कि बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों को वीजा दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान श्रद्धालु गुरु नानक देव जी से जुड़े ऐतिहासिक स्थानों, गुरु रामदास जी के जन्मस्थान और अन्य प्रमुख गुरुधामों के दर्शन करेंगे। मन्नान ने कहा कि यह लगभग 10 दिनों की धार्मिक यात्रा होगी, जिसके दौरान श्रद्धालुओं को सिख इतिहास और विरासत से जुड़े महत्वपूर्ण स्थानों पर मत्था टेकने का अवसर मिलेगा। जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं ने कहा कि वे पाकिस्तान में अपने गुरुधामों के दर्शन का मौका मिलने पर खुद को भाग्यशाली मानते हैं। एक श्रद्धालु ने कहा, ष्हम भारत और पाकिस्तान दोनों देशों की कला, भाईचारे और विश्व शांति की तरक्की के लिए प्रार्थना करेंगे।
Trending
- भारतीय नियमों के आगे झुका मेटा? बाल शोषण और डीपफेक को माना गंभीर मुद्दा, सरकार बोली- US के कानून नहीं चलेंगे
- संभल हिंसा पूर्व नियोजित साजिश का नतीजा, आयोग की रिपोर्ट में हुए कई खुलासे
- गडकरी ने चालकों को ट्रैफिक नियमों की सही ट्रेनिंग देने की आवश्यकता पर बल दिया
- राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा अधूरा : उमर अब्दुल्ला
- जम्मू-कश्मीर को राज्य दर्जा बहाली की मांग तेज
- कार के डिवाइडर से टकराने से अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की हादसे में मौत
- विधायक उमाशंकर सिंह को बसपा सुप्रीमो ने दी श्रद्धांजलि
- बम-बम भोले के जयघोष से गूंजा मेरठ

