वारर्सो, 22 जून (ता)। यूक्रेन व उसके पड़ोसी देश पोलैंड के संबंधों में तनाव पैदा हो गया है। रूस से युद्ध में यूक्रेन का पुरजोर समर्थन करने वाले पोलैंड ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को दिया गया अपने देश का सर्वाेच्च सम्मान वापस लेने का एलान कर दिया। इसके बाद जेलेंस्की ने पोलैंड को सम्मान लौटा दिया।
दरअसल, यूक्रेन व पोलैंड में विवाद तब पैदा हो गया जब जेलेंस्की ने अपनी एक सैन्य इकाई का नामकरण द्वितीय विश्वयुद्ध की एक सैन्य टुकड़ी के नाम पर कर दिया। इस सैन्य टुकड़ी पर द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान पोलिश लोगों के नरसंहार का आरोप है। इसके बाद पोलैंड के राष्ट्रपति कैरोल नवरोकी ने जेलेंस्की से अपने देश का सर्वाेच्च सम्मान ऑर्डर ऑफ द व्हाइट ईगल वापस लेने की घोषणा कर दी। पोलैंड के पूर्व राष्ट्रपति आंद्रेज डुडा ने 2023 में जेलेंस्की को यह सम्मान सुरक्षा, मजबूती और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए किए गए कामों के तहत दिया था।
जेलेंस्की ने 26 मई को एक आदेश जारी कर यूक्रेन की स्पेशल ऑपरेशन्स फोर्स की एक यूनिट का नाम यूक्रेनी इंसजेंट आर्मी (यूपीए) के नाम पर रखा। यूपीए 1940 व 1950 के दशक में सक्रिय थी। पोलैंड में उस पर बड़े पैमाने पर हत्याएं करने का आरोप है। यूक्रेन के लिए कम नहीं होगा समर्थन रू यूक्रेन पर रूसी हमलों के बीच पोलैंड ने लाखों यूक्रेनी शरणार्थियों को आश्रय दिया है। राष्ट्रपति नवरोकी एक राष्ट्रवादी राजनेता हैं जिन्होंने चुनावी फायदे के लिए यूक्रेन विरोधी भावना का इस्तेमाल किया है। नवरोकी ने कहा कि सम्मान वापस लेने का मतलब यह नहीं कि यूक्रेन के लिए पोलैंड का समर्थन कम हो जाएगा।
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