मेरठ. आवासीय कॉलोनी के निर्माण के लिए पैमाइश के दौरान खरखौदा थाने की जमीन पर मस्जिद का निर्माण अवैध रूप से किए जाने की जानकारी मिली है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने शनिवार को मस्जिद के इमाम को सात दिन में अवैध निर्माण हटाने का नोटिस जारी कर दिया। मस्जिद का अवैध निर्माण हटाकर भूमि को खाली नहीं किया जाता तो पुलिस इस जमीन को कब्जा मुक्त कराएगी। उधर, इमाम अब्दुल गफ्फार ने मस्जिद को वक्फ बोर्ड की संपत्ति बताकर खाली करने से इन्कार कर दिया है।
राजस्व टीम की पैमाइश के दौरान थाने वाली मस्जिद के नाम से मशहूर जामा मस्जिद का निर्माण अवैध पाए जाने के बाद खरखौदा पुलिस ने इमाम अब्दुल गफ्फार को बुलाकर दस्तावेज तलब किए। पुलिस का कहना है कि इमाम मस्जिद से संबंधित कोई साक्ष्य या दस्तावेज नहीं दिखा सके। इसके बाद पुलिस ने मस्जिद का निर्माण अवैध बताते हुए थाने की जमीन खाली करने के लिए कहा है।
साथ ही सात दिन में संबंधित दस्तावेज पेश न करने पर अवैध निर्माण हटाने का नोटिस जारी किया है। पुलिस के मुताबिक शहर से करीब 17 किमी दूर मेरठ-बुलंदशहर मार्ग पर खरखौदा थाना आजादी के पहले से बना हुआ है। थाने में बनी इमारत अंग्रेजी शासन काल के समय की है। राजस्व विभाग के अभिलेखों में करीब 1400 साल से खसरा नंबर 1217 में 6450 वर्ग मीटर रकबा थाने के नाम अंकित है। बाद में थाने की जमीन पर अवैध रूप से मस्जिद का निर्माण कर लिया गया है।

