पटना, 10 जून (ता)। खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान (खान सर) ने पटना के कदमकुआं थाने में दर्ज थ्प्त् को रद्द कराने के लिए पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। खान सर ने अपनी याचिका में न केवल थ्प्त् को रद्द करने की मांग की है, बल्कि कोर्ट से खान ग्लोबल कोचिंग को दोबारा खोलने की अनुमति देने का भी आग्रह किया है।
हाईकोर्ट के अवकाशकालीन न्यायमूर्ति चंद्र शेखर झा की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई की। अदालत ने इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए बिहार सरकार को नोटिस जारी किया है। सरकार को इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिए 4 सप्ताह का समय दिया गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है। हाईकोर्ट ने फिलहाल खान सर की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए उन्हें 20 जून 2026 तक अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह मामले की केस डायरी पेश करे और अभियुक्त का आपराधिक इतिहास भी रिकॉर्ड में लाए। खान सर की अग्रिम जमानत अर्जी पर विस्तृत सुनवाई के लिए अदालत ने 20 जून की तिथि तय की है।
खान सर के वकीलों ने अदालत के समक्ष तर्क दिया कि उन पर हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसी संगीन धाराएं लगाई गई हैं, जो पूरी तरह से बनावटी और झूठी हैं। वकीलों ने दलील दी कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति जख्मी नहीं हुआ है और गार्ड ने अपने लाइसेंसी हथियार से केवल आत्मरक्षा के उद्देश्य से हवा में फायरिंग की थी।
दूसरी ओर, इस विवाद में गिरफ्तार ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद को बड़ा झटका लगा है। मंगलवार को न्यायिक दंडाधिकारी अनुराग वर्मा की अदालत ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। रौशन आनंद पर खान ग्लोबल स्टडीज में घुसकर गार्ड के साथ मारपीट करने और उसे जख्मी करने का आरोप है। पुलिस ने इस मामले में रौशन आनंद, अभिषेक कुमार और गौरव कुमार को 3 जून 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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