मेरठ 29 मई (प्र)। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर अनिल बालियान उर्फ बंजी से जुड़े शिवा गन हाउस संचालक कंकरखेड़ा निवासी शैलेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी से टीम ने एक पिस्टल, शिवा गन हाउस का स्टॉक रजिस्टर, हथियार विक्रय रजिस्टर, गन हाउस के लाइसेंस की प्रति बरामद की है।
एसटीएफ के एएसपी ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि 23 नवंबर 2024 को यूपी पुलिस के दरोगा के बेटे रोहन को 17 अवैध बंदूकों और 700 कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसे कंकरखेड़ा थाने में अभियोग पंजीकृत कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा गया था। इस मामले की विवेचना एसटीएफ मेरठ कर रही है। विवेचना के दौरान अब तक सरगना मुजफ्फरनगर के भौराकलां थाना क्षेत्र के सिसौली गांव निवासी अनिल बंजी सहित कुल नौ अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन गिरफ्तारियों से कई अवैध हथियार बरामद किए जा चुके हैं। इनमें एक यूएस राइफल विंचेस्टर, एक यूएस राइफल स्प्रिंग फील्ड आर्मरी, एक पंप गन और विभिन्न बोर की पिस्टल शामिल हैं।
बृहस्पतिवार को एसटीएफ के निरीक्षक रविंद्र कुमार ने शैलेंद्र सिंह को पूछताछ के लिए एसटीएफ मेरठ यूनिट बुलाया। आरोपी से गहन पूछताछ की गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ कंकरखेड़ा थाने में वर्ष 2024 में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। शैलेंद्र सिंह गायत्री ग्रीन बाइपास सड़क, कंकरखेड़ा का रहने वाला है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आरोपी का गन हाउस बंद हो गया था। पुलिस और एसटीएफ उसके खिलाफ साक्ष्य जुटा रही थी।
पूछताछ में शैलेंद्र सिंह ने बताया कि उससे बरामद की गई पिस्टल उसने दो साल पहले अनिल बंजी से खरीदी थी। अनिल के कहने पर ही उसने मेजर हरेंद्र सिंह के फर्जी नाम से स्टॉक रजिस्टर में एंट्री की। बाद में शैलेंद्र ने यह पिस्टल लाइसेंसी धारक अमरपाल सिंह को धोखा देकर तीन लाख रुपये में बेच दी थी।
एयरफोर्स की नौकरी से वीआरएस लेकर बना हथियार तस्कर
अनिल बंजी वर्ष 1989 में एयरफोर्स में भर्ती हुआ था। 2009 में नौकरी से वीआरएस लेकर उसने हथियारों की तस्करी शुरू कर दी थी। वह पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पिस्टल की तस्करी कर बिक्री करता था। एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि रोहित निवासी मंगलोरा करनाल हरियाणा, कुर्बान व रिहान निवासी खुर्जा बुलंदशहर और शारिक निवासी लिसाड़ी गेट मेरठ से हथियार खरीदता था।
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पिस्टल की तस्करी करता था गिरोह
रोहित का भाई राहुल आर्मी में था और पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनात था। रोहित अपने भाई के माध्यम से पाकिस्तान से ड्रोन से बाॅर्डर पर पिस्टल मंगाता था। ये पिस्टल लॉरेंस बिश्नाेई, नीरज बवाना समेत अन्य गैंग को सप्लाई की जाती थी। कुर्बान के पुत्र शावेज को एनआईए ने हथियार तस्करी में गिरफ्तार किया था।
डीन पर जानलेवा हमले में सामने आया था बंजी का नाम
मोदीपुरम कृषि विश्वविद्यालय के वेटरनरी डिपार्टमेंट के डीन प्रोफेसर डॉ. राजवीर सिंह पर 11 मार्च 2022 को बाइक सवार हमलावरों ने विश्वविद्यालय से लौटते वक्त अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। जिसमें कई गोलियां लगने से डीन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। डीन पर जानलेवा हमले के मामले में अनिल बंजी का नाम भी प्रकाश में आया था। इस मामले में वह जेल गया था।
संजीव जीवा गैंग से खरीदी थी एके-47
अनिल बंजी और उसके साथी भौराकलां के सदरूद्दीननगर उर्फ माजरा निवासी अनिल उर्फ पिंटू को शामली पुलिस ने पांच अप्रैल 2022 को एके-47 राइफल, 7.62 एमएम के 700 कारतूस, एके-47 राइफल के 4.55 एमएम के 600 कारतूस, चार मैगजीन और एक ड्रम मैगजीन के साथ गिरफ्तार किया था। ये हथियार संजीव जीवा गैंग से 12 लाख रुपये में खरीदे गए थे।

