मेरठ 23 मई (प्र)। घटिया काम और खराब प्रबंधन की बानगी देखनी है तो दिल्ली रोड से सरस्वती लोक तक सड़क पर चक्कर लगाइए। यहां कदम-कदम पर गहरे गड्ढे दुर्घटनाओं को दावत देते नजर आते हैं। तीन साल पहले डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बनी यह सड़क जर्जर हो चुकी है। दिल्ली रोड मेवला फ्लाईओवर से उतरकर जैसे सरस्वती लोक-नूर नगर की ओर बढ़ेंगे, जानलेवा गड्ढों से मुकाबला शुरू हो जाएगा।
साईंपुरम के पास सड़क इतनी जर्जर है कि दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। गहरे गड्ढों में वाहनों का फंसना, ई-रिक्शा पलटना, बाइक स्कूटी सवार का उछलकर गिरना यहां आम है। करीब 2200 मीटर सड़क के टुकड़े ने 50 हजार की आबादी का जीना मुहाल कर दिया है। जून 2023 में ठेकेदार से एक साल की गारंटी पर यह सड़क बनवाई गई थी, यह अवधि पूरी हो चुकी है। सड़क पहले मेड़ा ने बनाई थी, लेकिन अब कौन बनाएगा। इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। यह सड़क केवल सरस्वती लोक, द्वारिकापुरी, लिसाड़ी और नूर नगर के लोगों के आने-जाने का माध्यम नहीं बल्कि साईंपुरम औद्योगिक क्षेत्र के लोग भी इसी सड़क से आवाजाही करते हैं।
शिकायत को किया दरकिनार
साईंपुरम एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश मक्कड़ का कहना है कि निर्माण के समय ही घटिया सामग्री और खराब प्रबंधन की शिकायत मेडा के अधिकारियों से की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। साईपुरम औद्योगिक क्षेत्र के वाहन डेढ़-दो फीट गहरे गड्ढे में पलटने का डर रहता है। कई बार मेवला फ्लाईओवर के पास ही ट्रकों से सामान उतरवाना पड़ता है। स्थानीय निवासी सोनू सहगल ने कहा कि एक ओर सीएम ग्रिड योजना की करोड़ों की सड़कें बनाई जा रही हैं। दूसरी तरफ इस सड़क को मेडा बनाएगा या नगर निगम, इसका जवाब दोनों ही विभागों से नहीं मिल रहा है। मेडा ने सड़क पहले बनाई थी, इसलिए उसकी जिम्मेदारी अधिक है।
व्यवसायी संजय गुप्ता ने कहा कि मेडा और नगर निगम अधिकारियों से दोबारा सड़क बनवाने की मांग की है। सड़क की गारंटी एक साल की थी। साईंपुरम, सरस्वती लोक कालोनी के लोगों का कहना है कि सड़क बनने के बाद से ही टूटने लगी थी, लेकिन मेडा के अधिकारियों, अभियंताओं ने कभी पलटकर नहीं देखा। यह सड़क आयुषी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने बनाई थी।
मेड़ा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना का कहना है कि संबंधित ठेकेदार को निर्देशित किया है कि जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें ।

