मेरठ 11 मई (प्र)। करीब 369 करोड़ रुपये से कमालपुर में निर्माणाधीन 220 एमएलडी शोधन क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से आबूनाला- दो को जोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। एसटीपी से 200 मीटर दूर जागृति विहार एक्सटेंशन स्थित पुल के पास आबूनाले का पानी रोकने और उसकी दिशा एसटीपी की तरफ मोड़ने के लिए डायवर्जन सेक्शन का प्लेटफार्म बनाया जा रहा है।
इस प्लेटफार्म पर कंक्रीट की ऊंची दीवारें बनाई जाएंगी। काली नदी में गंदा पानी सीधे जाने से रोकने के लिए नाले में और एसटीपी की तरफ बड़े गेट लगाए जाएंगे। इसी तरह एसटीपी से 600 मीटर दूर इसी रोड किनारे ओडियन नाले के पानी को एसटीपी तक लाने के लिए डायवर्जन सेक्शन बनाया जाएगा। ओडियन नाले को जोड़ने का काम आवास विकास से एनओसी मिलते ही शुरू होगा। एसटीपी से जुड़ने के बाद दोनों नालों का गंदा पानी शोधन के बाद ही काली नदी में छोड़ा जाएगा। बरसात में नालों का पानी ओवरफ्लो होने पर उसे बाईपास कर काली नदी में छोड़ने की व्यवस्था भी रहेगी।
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अंतर्गत गंगा की सहायक काली नदी को अविरल – निर्मल बनाने के लिए इस परियोजना पर नवंबर 2024 में मेरठ एसटीपी प्राइवेट लिमिटेड फर्म ने काम शुरू किया था। नमामि गंगे उप्र जलनिगम ग्रामीण मुजफ्फरनगर इकाई के अधिकारियों का दावा है कि 53 प्रतिशत एसटीपी का निर्माण पूरा हो चुका है। इसे फरवरी 2027 तक चालू करना है। एसटीपी में 12 टैंक बनाए हैं। इनमें पानी भरकर टेस्टिंग भी की जा चुकी है। अब सीवेज एकत्र करने के बड़े भूमिगत टैंकों का निर्माण हो रहा है। इसके साथ आबूनाला दो को जोड़ने का काम शुरू हो गया है। एसटीपी को सिक्वेंस बैच रिएक्टर (एसबीआर) तकनीक पर बनाया जा रहा है। इसमें सीवेज को शोधित करने के लिए कई चरणों में गुजारा जाएगा।
ओडियन नाले को पक्का करने का टेंडर निकाला, आवूनाले का हुआ सर्वे
जलनिगम सीएंडडीएस ने ओडियन नाले को पक्का व कवर करने का टैंडर निकाल दिया है। आठ जून को टैंडर की तकनीकी बिड खुलेगी। इसके लिए अर्बन स्टार्म वाटर मैनेजमेंट स्कीम के तहत 178 करोड़ की धनराशि शासन से स्वीकृति की गई है।
ईदगाह दिल्ली रोड से भूमिया पुल होते हुए हापुड़ रोड नया कमेला तक करीब 3.2 किमी. हिस्से का पक्का करके ढका जाएगा। वहीं, जलनिगम सीएंडडीएस ने आबूनाला दो (बेगमपुल वाले) का भी सर्वे कर लिया है। बेगमपुल से रंगोली मंडप तक इसे पक्का व कवर किया जाना है। हालांकि अभी सर्वे हुआ है, प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
नमामि गंगे उम्र जलनिगम ग्रामीण इकाई मुजफ्फरनगर परियोजना प्रबंधक संजीत कटियार का कहना है कि आबूनाला दो और ओडियन नाले को 220 एमएलडी एसटीपी से जोड़ा जाना है। आबूनाला दो किनारे डायवर्जन सेक्शन का निर्माण शुरू हो गया है। जल्द ओडियन नाले किनारे भी डायवर्जन सेक्शन का काम शुरू होगा। दोनों नालों का गंदा पानी शोधित होकर काली नदी में छोड़ने की योजना है। फरवरी 2027 तक काम पूरा कर इसे चालू करने का लक्ष्य है।

