Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • लखनऊ अग्निकांड के बाद मेरठ में कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण, एंट्री और एग्जिट के अलावा वहां लगे उपकरण भी किए चेक
    • राम मंदिर : एसआईटी ने शासन को सौंपी रिपोर्ट, चढ़ावा चोरी से लेकर कमीशन के सुबूत
    • महंगे होते जा रहे तेरहवीं भोज और फाईव स्टार कल्चरल पर लगे रोक
    • चंडीगढ़ में अब नहीं चलेगी OLA की कैब और बाइक टैक्सी सर्विस
    • आखिर कब तक आग जैसी आकस्मिक आपदा के बाद होती रहेगी जांच! सरकार दोषी कितना ही बड़ा हो उसे सजा दिलाए, मृतकों के परिवारों को इनकी निजी संपत्ति से दिलाए दस दस करोड़
    • सस्ता 4G फीचर फोन Reliance Jio ने लांच किया
    • भारत में Ai+ ने किए दो नए स्मार्टफोन लांच
    • इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी-20 सीरीज के लिए 17 खिलाड़ियों की बड़ी टीम का किया ऐलान
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»न्यूज़»हनुमान जी को क्यों बनाया भगवान श्रीराम ने अयोध्या का रक्षक?
    न्यूज़

    हनुमान जी को क्यों बनाया भगवान श्रीराम ने अयोध्या का रक्षक?

    adminBy adminMay 11, 2026No Comments3 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली, 11 मई (ता)। देशभर में हनुमान जी को समर्पित कई मंदिर हैं, जिनका विशेष महत्व है। इन्हीं मंदिरों में शामिल है आयोध्या का हनुमान गढ़ी मंदिर। यह मंदिर आस्था का केंद्र है। मंदिर एक ऊंचे टीले पर स्थित है, जहां पहुंचने के लिए 76 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं।
    पौराणिक कथा के मुताबिक, भगवान राम जी ने हनुमान जी को वरदान दिया था कि मेरे से पहले तुम्हारे दर्शन होंगे। इसलिए अयोध्या में भगवान राम जी के दर्शन करने से पहले भक्तों को हनुमान गढ़ी में हनुमान जी के दर्शन जरूर करने चाहिए। मंदिर में बजरंबली के दर्शन करने के बाद ही रामलला के दर्शन का शुभ फल प्राप्त होता है।
    मंदिर में भक्तों को आने पर खास ऊर्जा और शांति का अनुभव होता है।
    पौराणिक कथा के मुताबिक, भगवान श्रीराम रावण की लंका पर विजय हासिल करने के बाद जब अयोध्या आए, तो नगरी में प्रभु, माता सीता और भाई लक्ष्मण के आने का उत्साह मनाया जा रहा था। भगवान राम का राज्याभिषेक हुआ। इसके बाद राम जी ने सभी को विदा किया, लेकिन हनुमान जी अयोध्या को छोड़कर नहीं जाना चाहते थे।
    बजरंगबली ने राम जी से कहा कि मैं आपके चरणों में ही अपना जीवन समर्पित करना चाहता हूं। राम जी हनुमान जी की भक्ति और भाव से प्रसन्न हुए और उन्होंने अयोध्या का कोतवाल (रक्षक) नियुक्त किया। राम जी ने हनुमान जी को अयोध्या के एक ऊंचे टीले पर स्थान दिया गया, जिससे वे नगरी की रक्षा कर सकें।
    इस दौरान राम जी ने हनुमान जी को वरदान दिया कि हे हनुमान! आज से तुम अयोध्या के रक्षक हो। जो भी भक्त मेरे दर्शन के लिए आएगा, तो उसे मेरे से पहले आपके दर्शन करने होंगे। तुम्हारे दर्शन के बिना मेरे दर्शन का शुभ फल प्राप्त नहीं होगा। इसलिए यह नियम प्राचीन समय से चला आ रहा है कि अयोध्या में राम जी के दर्शन करने से पहले हनुमान गढ़ी मंदिर में बजरंगबली के दर्शन जरूर करना चाहिए।
    इस प्रसंग का वर्णन स्कंद पुराण में देखने को मिलता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, हनुमान गढ़ी मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करने से भक्त के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही हनुमान जी कृपा प्राप्त होती है। मंदिर में भक्तों को पहुँचने के लिए 76 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं।

    New Delhi tazza khabar tazza khabar in hindi Uttar Pradesh Why did Lord Rama appoint Lord Hanuman as the protector of Ayodhya?
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    लखनऊ अग्निकांड के बाद मेरठ में कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण, एंट्री और एग्जिट के अलावा वहां लगे उपकरण भी किए चेक

    June 23, 2026

    राम मंदिर : एसआईटी ने शासन को सौंपी रिपोर्ट, चढ़ावा चोरी से लेकर कमीशन के सुबूत

    June 23, 2026

    महंगे होते जा रहे तेरहवीं भोज और फाईव स्टार कल्चरल पर लगे रोक

    June 23, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.